काली कमाई से पिता को भी किया मालामाल, EOU रेड में डिप्टी डायरेक्टर की संपत्ति का सामने आया पूरा खेल,जानिए 1 साल में कितने करोड़ की कमाए
BBOSE के डिप्टी डायरेक्टर के ठिकानों पर EOU की रेड
BBOSE के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी रेड मारी है. इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकदी, गहने और अन्य संपत्ति जब्त की गई है. आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया है.
EOU Raid On BBOSE Deputy Director : बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (BBOSE) में तैनात शिक्षा विभाग के उप निदेशक अजय कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई में बड़ी संपत्ति का खुलासा हुआ है. EOU ने गुरुवार को अजय कुमार सिंह के पटना और बेगूसराय स्थित आवास के साथ BBOSE के मीठापुर कार्यालय में एक साथ तलाशी ली. जांच के दौरान दोनों आवासों से करीब 25.88 लाख रुपये नकद, 51.50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण, आठ बैंक खातों में करीब 18.50 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है. इसके अलावा जमीन के कागजात, बीमा पॉलिसी और नोएडा में फ्लैट से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं.
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EOU के अनुसार, अजय कुमार सिंह के खिलाफ प्रथमदृष्टया आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 90 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का मामला सामने आया है. जांच एजेंसी ने कुल 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की संपत्ति को लेकर आय से अधिक संपत्ति की प्राथमिकी दर्ज की है. तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य प्रमाणों की जांच के बाद संपत्ति का वास्तविक आंकड़ा और बढ़ने की संभावना जताई गई है.
3 ठिकानों पर एक साथ हुई छापेमारी
- EOU की टीम नेपटना के खाजपुरा स्थित चंद्रतारा भवन, बीवी कॉलेज, आकाशवाणी रोड, (थाना-राजीव नगर).
- बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बी-बोस), मीठापुर, पटना अवस्थित कार्यालय कक्ष.
- बेगूसराय अवस्थित पैतृक मकान,ग्राम परोरा, पोस्ट-सनहा, थाना-साहेबपुर कमाल.
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने नकदी, जेवरात, बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की.
पिता को भी किया मालामाल
EOU की कार्रवाई में सबसे अहम खुलासा अजय कुमार सिंह के बेगूसराय स्थित पैतृक गांव परोरा में हुआ. साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के इस गांव में उनके पैतृक मकान की तलाशी के दौरान पिता के नाम पर 11 भूखंडों के डीड बरामद किए गए. इसके अलावा 15.50 लाख रुपये नकद, करीब 9.50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण, एक बैंक पासबुक और आभूषण खरीद से जुड़ी छह रसीदें मिली हैं. एजेंसी अब इन जमीनों की खरीद और संपत्ति के स्रोत की भी जांच कर रही है.

पैतृक मकान से दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर, एक बोलेरो और एक बड़ा डीजी सेट भी मिला है. इन संपत्तियों और वाहनों से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है. EOU यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों की खरीद किस स्रोत से हुई और इनका अजय कुमार सिंह की आय से क्या संबंध है.
पटना के घर से नकदी-लाखों के जेवर मिले
पटना के खाजपुरा स्थित चंद्रतारा भवन आवास में तलाशी के दौरान 10.38 लाख रुपये नकद मिले. यहां करीब 42 लाख रुपये मूल्य के आभूषण, आठ बैंक खातों में कुल 18.50 लाख रुपये जमा होने के प्रमाण और एलआईसी समेत अन्य कंपनियों की पांच पॉलिसियों से संबंधित कागजात मिले हैं.

नोएडा में फ्लैट
जांच एजेंसी को नोएडा के सेक्टर-142 में 1442 वर्गफीट के एक फ्लैट की जानकारी भी मिली है. EOU के अनुसार, इस फ्लैट के लिए करीब 60 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है. इसके अलावा पटना स्थित आवास से कई अन्य दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है.
खाजपुरा में तीन मंजिला मकान
EOU के मुताबिक अजय कुमार सिंह का पटना के खाजपुरा इलाके में तीन मंजिला मकान भी है. एजेंसी अब इस मकान के निर्माण और इसमें खर्च की गई रकम से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है.

2005 में शिक्षा सेवा में आए
अजय कुमार सिंह ने वर्ष 2005 में बिहार शिक्षा सेवा के तहत अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी के पद पर सरकारी सेवा शुरू की थी. आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज प्राथमिकी की सूचना उनके मूल शिक्षा विभाग को भी भेजी जा रही है. EOU का कहना है कि लोक सेवक के तौर पर उनके कर्तव्यों और संपत्ति के स्रोतों की भी जांच की जाएगी.
बेंच-डेस्क और सबमर्सिबल योजना में अनियमितता के आरोप
अजय कुमार सिंह मुजफ्फरपुर में जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद पर करीब तीन साल तक तैनात रहे थे. उनके कार्यकाल के दौरान सरकारी स्कूलों में बेंच-डेस्क की खरीद और सबमर्सिबल पंप लगाने की योजना में अनियमितता के आरोप लगे थे. इन शिकायतों की जांच के लिए प्रशासनिक स्तर पर कमेटी भी गठित की गई थी.
वर्ष 2024 में बेंच-डेस्क खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर शिक्षकों ने प्रदर्शन भी किया था. तत्कालीन अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश पर मामले में शिक्षकों के निलंबन की कार्रवाई भी की गई थी. हालांकि वर्ष 2024 में शुरू हुई जांच में अब तक कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आयी है और अलग-अलग स्तर पर जांच जारी रहने की बात कही गई है.
फर्जी हस्ताक्षर से भुगतान का भी आरोप
बेंच-डेस्क खरीद से जुड़ी शिकायत के बाद जिलाधिकारी के स्तर पर जांच कमेटी गठित की गई थी. मार्च 2025 में इस मामले में कई हेडमास्टरों को समाहरणालय बुलाकर संबंधित कागजात की जांच की गई थी.
जांच के दौरान करीब एक दर्जन हेडमास्टरों के फर्जी हस्ताक्षर से काम कराने और बिल भुगतान के लिए प्रस्तुत किए जाने की शिकायत सामने आयी थी. संबंधित हेडमास्टरों ने जांच के दौरान दस्तावेज उपलब्ध कराकर यह दावा किया था कि बिल पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं. इस मामले में भी जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी.
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विवाद के दौरान फट गया था सिर
वर्ष 2024 में अजय कुमार सिंह के जिला शिक्षा पदाधिकारी रहते शिक्षक से मारपीट का मामला भी सामने आया था. बताया गया था कि वह कुढ़नी थाना क्षेत्र स्थित एक स्कूल में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान किसी बात को लेकर शिक्षा पदाधिकारी और स्कूल के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार के बीच विवाद हो गया.
विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें अजय कुमार सिंह के सिर में चोट लगी थी और उनका सिर फट गया था. मामले के बाद प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया था.
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