10 मिनट का सफर एक घंटे में, दानापुर में जाम ने बढ़ायी नगरवासियों की परेशानी

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जाम में फंसे लोग

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दानापुर में लगातार तीन दिनों से भीषण जाम लगा हुआ है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है. ई-रिक्शा चालकों की मनमानी, अवैध अतिक्रमण और पुलिस की जिम्मेदारी की खींचतान ने समस्या को और बढ़ा दिया है.

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Traffic jam in Danapur : दानापुर शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है. पिछले तीन दिनों से दानापुर-गांधी मैदान मुख्य मार्ग पर बस पड़ाव से तकियापर तक जाम की समस्या बनी हुई है. रविवार को भी इस मार्ग पर भीषण जाम लगा रहा और वाहन रेंगते नजर आये. जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

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ई-रिक्शा और बेतरतीब वाहनों से बढ़ी परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, ई-रिक्शा चालक सड़क किनारे वाहन खड़ा कर यात्रियों को सवार करते हैं. इसके अलावा नो-एंट्री में खड़े भारी वाहनों के कारण भी अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है. सड़क किनारे अवैध रूप से लगी फुटपाथ दुकानों के कारण सड़कें और संकरी हो गयी हैं, जिससे यातायात व्यवस्था और बिगड़ रही है.

कई प्रमुख चौराहों पर लगी लंबी कतार

रविवार को बस पड़ाव, अस्पताल मोड़, मार्शल बाजार, बीबीगंज मोड़, गोलापर, तकियापर और मिथिला कॉलोनी मोड़ समेत कई प्रमुख चौराहों के आसपास वाहनों की लंबी कतार लग गयी. कई संपर्क मार्गों पर भी जाम की स्थिति बनी रही.

बस पड़ाव से तकियापर तक सामान्य दिनों में करीब दस मिनट का समय लगता है, लेकिन जाम के कारण लोगों को यह दूरी तय करने में एक घंटे से अधिक समय लग रहा है. खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, कर्मचारियों और सरकारी कार्यालयों में आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.

नो-एंट्री में भारी वाहनों के प्रवेश का आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नो-एंट्री के दौरान भी ईंट और बालू लदे ट्रैक्टर तथा अन्य भारी वाहनों का प्रवेश होता है. इसके कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है. कई बार एंबुलेंस, स्कूली बस और अधिकारियों के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं.

लोगों का कहना है कि नो-एंट्री का पालन कराने और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने में स्थानीय पुलिस तथा यातायात पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रही है.

अतिक्रमण और पार्किंग भी बड़ी वजह

शहर में जाम की समस्या अब आम हो गयी है. स्थानीय लोगों के अनुसार, अतिक्रमण के कारण सड़कें लगातार सिकुड़ती जा रही हैं. इसके अलावा बाजार में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने और सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से वाहनों के खड़े रहने से भी जाम लगता है. ई-रिक्शा चालकों की मनमानी स्थिति को और विकट कर देती है.

जिम्मेदारी को लेकर पुलिस में खींचतान

जाम की समस्या को लेकर यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस के बीच जिम्मेदारी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. यातायात पुलिस का कहना है कि स्थानीय पुलिस की भी जवाबदेही है, जबकि स्थानीय पुलिस यातायात सुचारू रखने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस की बताती है. इस तरह जाम की समस्या के बीच दोनों ओर से एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाली जा रही है.

जल्द राहत का दिया भरोसा

अपर पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार ने बताया कि जल्द ही जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.

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