बिहार में सनसनीखेज खुलासा, मोतिहारी के ढाई सौ से अधिक एकाउंट होल्डर के खाते में आता था साइबर फ्रॉड का पैसा

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साइबर क्राइम (प्रतीकात्मक फोटो)

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Cyber Fraud: मोतिहारी में अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह के बदमाशों ने पुलिस गिरफ्त में आने के बाद कई सनसनीखेज खुलासे किये हैं. बदमाशों ने पुलिस को बताया है कि पैसे की लालच देकर नौजवानों के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के पैसों के ट्रांजेक्शन के लिए करते हैं. लग्जरी गाड़ी, आइफोन सहित अन्य अय्यासी का ख्वाब दिखाकर उनके अकाउंट में फ्रॉड का पैसा मंगाया जाता है. एक लाख के ट्रांजेक्शन पर अकाउंट होल्डर को 1500 रुपये कमीशन दिया जाता है. बदमाशों ने पुलिस को यह भी बताया है कि उनके सम्पर्क में ढाई सौ से अधिक बैंक अकाउंट होल्डर है.

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Cyber Fraud: बिहार में गिरफ्तार साइबर फ्रॉड गैंग के सदस्यों द्वारा किए गए सनसनीखेज खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है. मोतिहारी के ढाई सौ से अधिक एकाउंट होल्डर के खाते में साइबर फ्रॉड का पैसा आता था. साइबर फ्रॉड गिरोह के सदस्यों ने बताया कि प्रतिदिन सुबह आठ से दस बजे कमीशनखोर अकाउंट होल्डरों के खाते में फ्रॉड का पैसा गिरना शुरू हो जाता था. उसके बाद बैंक खुलते ही गिरोह के सक्रिय मेम्बर महज आधे घंटे के अंदर उनके अकाउंट से पैसा निकाल लेते थे. पुलिस सूत्रों का कहना है कि सिर्फ राजा बाजार से गिरफ्तार दिपांशु पाण्डेय के अकाउंट में एक सप्ताह के अंदर फ्रॉड के 80 लाख ट्रांसफर हुआ है. उसके अकाउंट में सर्वाधिक एक दिन में 11 लाख के ट्रांजेक्शन का प्रमाण मिला है. चांदमारी चौक स्थित एसबीआई के ब्रांच में इस गिरोह का सबसे ज्यादा लेनदेन का प्रमाण पुलिस को मिला है. पुलिस का कहना है कि बैंक के जिम्मेवार अधिकारी भी जांच के दायरे में है, क्योंकि खातों में संदिग्ध लेनदेन की सूचना पुलिस या संबंधित विभाग को देना उनका दायित्व बनता है, लेकिन बैंक अधिकारियों ने अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन नहीं किया.

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फर्टिलाइजर कंपनी के तीन जिलों का अधिकारी है दिपांशु

मोतिहारी के राजाबाजार से गिरफ्तार दिपांशु पाण्डेय फर्टिलाइजर कंपनी में उच्चपद पर है. उसकी सैलरी 50 हजार से सअधिक है. पुलिस का कहना है कि उसने कंपनी में जिम्मेवार अधिकारी के पद का भी दुरूपयोग फ्रॉड के पैसे को सफेद करने में किया है. इसकी जांच-पड़ताल चल रही है.

साइबर फ्रॉडों के पास से जब्त मोबाइल को खंगाल रही पुलिस

साइबर फ्रॉडों के पास से 24 मोबाइल मिले है. अधिकांश मोबाइल कीमती है. उन सभी के आउट गोइंग व इनकॉमिंग काल को पुलिस खंगाल रही है. पुलिस का कहना है कि सीडीआर निकाल कर गिरोह के अन्य बदमाशों तक पहुंचा जायेगा. इसपर काम चल रहा है.

गिरफ्तार पांच सहित 16 साइबर फ्रॉडों पर प्राथमिकी दर्ज

मोतिहारी जिले के अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार बॉस सिम्बॉल वाले साइबर गिरोह के गिरफ्तार पांच सहित 16 बदमाशों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. यह प्राथमिकी साइबर थाने में हुई है. इंस्पेक्टर संजीव कुमार सिन्हा के आवेदन पर मामला दर्ज हुआ है. साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि प्राथमिकी में चांदमारी के सुमित सौरभ, रघुनाथपुर के संजीव कुमार, घोड़ासहन के पप्पू कुमार, रघुनाथपुर के सुनील कुमार व राजाबाजार के दिपांशु पाण्डेय तथा बंजरिया अम्बिका नगर के आयुष कुमार, यश कुमार, अंश कुमार, रघुनाथपुर बालगंगा के राजकिशोर राम के अलावा साजिद, निखिल दयाशंकर, पुरुषोत्तक चौधरी के साथ-साथ 16 बदमाशों को नामजद व अन्य अज्ञात को आरोपित किया गया है.

गिरोह के हार्डकोर मेम्बरों पर होगा इनाम घोषित

साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि जब्त सभी इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की सुक्ष्मता से जांच की जा रही है. बदमाशों के पास से जब्त मोबाइल में अंकित दर्जनों नम्बर स्विच ऑफ बता रहे है. कुछ के नेपाल तो कुछ राज्य छोड़ दिये है. इस गिरोह के जिले का बॉस सत्यम सौरभ का लोकेशन नेपाल में मिल रहा है. उसकी गिरफ्तारी को लेकर नेपाल पुलिस से समन्वय स्थापित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि फरार इस गिरोह के हार्डकोर पांच मेम्बरों पर इनाम घोषित किया जायेगा. इसके लिए वरीय अधिकारियों के पास प्रस्ताव भेजा गया है.

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