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Bihar News: बिहार में सुबह-सुबह EOU की बड़ी कार्रवाई, खाद्य निगम में लेखपाल के 6 ठिकानों पर छापेमारी

Updated at : 27 Jun 2025 9:51 AM (IST)
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EOU Office

EOU Office

Bihar News: जांच में यह पाया गया कि उन्होंने अपने ज्ञात वैध स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद छापेमारी की कार्रवाई कर रही है.

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Bihar News: पटना. बिहार में भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य खाद्य निगम में पदस्थापित लेखपाल राजेश कुमार के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. राजेश कुमार वर्तमान में मोतिहारी में पदस्थापित हैं. आर्थिक अपराध इकाई ने आय से 201.94% अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में राजेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जांच में यह पाया गया कि उन्होंने अपने ज्ञात वैध स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद छापेमारी की कार्रवाई कर रही है.

संदिग्ध लेन-देन समेत कई दस्तावेज

छापेमारी की यह कार्रवाई पटना, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और हाजीपुर में स्थित कुल छह ठिकानों पर की जा रही है. इन ठिकानों में उनके आवास, पैतृक घर, रिश्तेदारों के ठिकाने और कुछ अन्य संदिग्ध संपत्तियां शामिल हैं. बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध लेन-देन से संबंधित कागजात बरामद हुए हैं. आर्थिक अपराध इकाई से मिली जानकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि राजेश कुमार ने नकद लेन-देन, अचल संपत्ति में निवेश और कई फर्जी खातों के माध्यम से काले धन को वैध बनाने की कोशिश की है. इसके अलावा उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों के नाम पर भी संपत्तियां पाई गई हैं, जिनकी जांच की जा रही है.

संपत्ति और दस्तावेजों की चल रही विस्तृत जांच

आर्थिक अपराध इकाई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है. संपत्ति और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है. तलाशी की समाप्ति के बाद ही संपत्ति का सटीक मूल्यांकन और विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी. आर्थिक अपराध इकाई अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद राजेश कुमार की संपत्ति के स्रोतों की जांच करेगी. यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम और अन्य भ्रष्टाचार विरोधी धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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