राबड़ी देवी के आवास के बाहर राजद कार्यकर्ताओं का हंगामा, MLC टिकट को लेकर नारेबाजी

इस वर्ष के अंत में संभावित बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी राजद खेमे के भीतर की लड़ाई अब सड़क पर आ गयी है. दरअसल, राजद कोटे से एमएलसी प्रत्याशियों के नाम का एलान अब तक नहीं हुआ है, लेकिन विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है. इसी कड़ी में राधोपुर के निवासी और पूर्व विधायक उदय नारायण राय उर्फ भोला राय के समर्थकों ने सोमवार को विधान पार्षद उम्मीदवारों के नाम के एलान से ठीक पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर नारेबाजी की. भोला राय की गैर मौजूदगी में पहुचे लोगों ने पूर्व मंत्री उदय नारायण राय उर्फ भोला राय को एमएलसी प्रत्याशी बनाने की मांग करते दिखे़ हालांकि, भोला राय इस दौरान वहां नहीं थे.
पटना : इस वर्ष के अंत में संभावित बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी राजद खेमे के भीतर की लड़ाई अब सड़क पर आ गयी है. दरअसल, राजद कोटे से एमएलसी प्रत्याशियों के नाम का एलान अब तक नहीं हुआ है, लेकिन विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है. इसी कड़ी में राधोपुर के निवासी और पूर्व विधायक उदय नारायण राय उर्फ भोला राय के समर्थकों ने सोमवार को विधान पार्षद उम्मीदवारों के नाम के एलान से ठीक पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर नारेबाजी की. भोला राय की गैर मौजूदगी में पहुचे लोगों ने पूर्व मंत्री उदय नारायण राय उर्फ भोला राय को एमएलसी प्रत्याशी बनाने की मांग करते दिखे़ हालांकि, भोला राय इस दौरान वहां नहीं थे.
विरोध-प्रदर्शन करने वाले आरजेडी कार्यकर्ताओं का कहना है कि बाहर से आए लोगों को एमएलसी बनाये जाने की सूचना मिल रही है़ लिहाजा विरोध किया जा रहा है़ राघोपुर से तेजस्वी चुनाव लड़ते आ रहे हैं. उनके परिवार के लिए यह सीट काफी भाग्यशाली भी मानी जाती है़ उल्लेखनीय है कि साल 1995 में उदय नारायण राय उर्फ भोला राय ने अपनी सीट लालू प्रसाद यादव के लिए छोड़ दी थी, जिसके बाद लालू यादव और बाद राबड़ी देवी भी राघोपुर विधानसभा सीट से चुने जा चुके हैं. फिलहाल लालू परिवार की पुश्तैनी मानी जाने वाली इस सीट से खुद तेजस्वी यादव विधायक हैं.
वहीं, राजनीतिक जानकारों के मुताबिक सोमवार को जिस तरह राघोपुर के राजद कार्यकर्ताओं शोर मचाते हुए प्रदर्शन किया है, उससे राजद आलाकमान के कान खड़े हो चुके हैं. इस प्रदर्शन को राजद के किसी वरिष्ठ नेता ने कोई खास तवज्जो नहीं दी है़ हालांकि, जानकारों का कहना है कि तेजस्वी यहां से चुनाव लड़ने पर पुनर्विचार कर सकते हैं.
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा है कि राजद में कार्यकर्ताओं का कोई मान-सम्मान नहीं है. अपनी उपेक्षा से आहत कार्यकर्ताओं का सड़क पर उतरना यही दर्शाता है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन फूट की शुरुआत तो पहले ही हो चुकी थी. अब असंतोष के कारण फूट की ज्वालामुखी फूट चुकी है. राबड़ी आवास के बाहर राजद कार्यकर्ताओं का टिकटों के लिए प्रदर्शन करना यही दर्शाता है. इस तरह का हंगामा यह बताता है कि राजद सिर्फ धनपशु, बाहुबली और बाहरी व्यक्तियों को ही तरजीह देती है. पार्टी के कार्यकर्ताओं का कोई सम्मान नहीं है. राजद के शीर्ष नेताओं को न बिहार की चिंता है, न अपने कार्यकर्ताओं की और न ही आम लोगों की. तभी तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बचपन में ही करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गये हैं.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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