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म्यूटेशन के झंझट से मिलेगी मुक्ति, बिहार में आज से जमीन खरीदने या बेचने की प्रक्रिया में होगा ये बड़ा बदलाव, जानें कैसे होगा दाखिल-खारिज

Updated at : 31 Mar 2021 12:09 PM (IST)
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म्यूटेशन के झंझट से मिलेगी मुक्ति, बिहार में आज से जमीन खरीदने या बेचने की प्रक्रिया में होगा ये बड़ा बदलाव, जानें कैसे होगा दाखिल-खारिज

बिहार सरकार आज से जमीन खरीद-बिक्री के मामले में बड़ा बदलाव करने जा रही है. लोगों को अब जमीन के दाखिल- खारिज के लिए किसी भी सरकारी कार्यालय नहीं जाना होगा. इसके लिए कोई आवेदन भी नहीं करना होगा. आज यानी 31 मार्च से मकान, दुकान, फ्लैट , खेत, जमीन आदि की रजिस्ट्री के साथ ही म्यूटेशन की प्रक्रिया ऑटोमैटिक (स्वत:) शुरू हो जायेगी.

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बिहार सरकार आज से जमीन खरीद-बिक्री के मामले में बड़ा बदलाव करने जा रही है. लोगों को अब जमीन के दाखिल- खारिज के लिए किसी भी सरकारी कार्यालय नहीं जाना होगा. इसके लिए कोई आवेदन भी नहीं करना होगा. आज यानी 31 मार्च से मकान, दुकान, फ्लैट , खेत, जमीन आदि की रजिस्ट्री के साथ ही म्यूटेशन की प्रक्रिया अब ऑटोमैटिक (स्वत:) शुरू हो जायेगी.

बिहार में अब रजिस्ट्री के साथ ही स्वत: म्यूटेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. जमीन मालिकों को अब म्यूटेशन के झंझट से मुक्ति मिल जायेगी. उन्हें ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरह से आवेदन नहीं करना होगा.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री राम सूरत कुमार, अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह बुधवार को सूमोटो म्यूटेशन ‘ की व्यवस्था को लांच करेंगे.

अभी यह सुविधा सिर्फ उन्हीं क्रेताओं को दी जायेगी जिन्होंने जमाबंदीदार रैयत से जमीन की खरीद की हो. वैसे विक्रेता जिनके नाम पर जमाबंदी कायम नहीं है और उनके नाम से रसीद भी नहीं कटता है उनसे अगर जमीन की खरीद करते हैं तो पहले की तरह ही ऑनलाइन म्यूटेशन की प्रक्रिया के तहत दाखिल- खारिज कराना होगा.

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सूमोटो म्यूटेशन को भूमि सुधार की दिशा में एक क्रांति माना जा रहा है. इसमें ‘ फिटो ‘ (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट )की व्यवस्था लागू है. बता दें कि अभी तक रैयत को पहले दो प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था. पहला निबंधन और फिर म्यूटेशन, अब एक ही बार में दोनों काम हो जायेगा . अगर विक्रेता अपने नाम से जमाबंदी करा लेते हैं तो इससे विक्रेता और क्रेता दोनों को सहूलियत होगी.

रजिस्ट्री के लिए क्रेता और विक्रेता जब रजिस्ट्रार के सामने डीड पेश करेंगे तो सूमोटो म्यूटेशन के लिए फार्म मिल जायेगा. निबंधक के सामने ही उसे भरकर देना होगा. इसके बाद एनआइसी जमीन के डेटा को रजिस्ट्रेशन डिपार्डमेंट के सर्वर से लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आनलाइन सर्वर पर अपलोड कर देगा. जमीन की रजिस्ट्री होते ही डीड (दस्तावेज) पीडीएफ फॉर्मेट में अंचल अधिकारी के लॉगिन में चला जायेगा. सीओ तुरंत ही म्यूटेशन की प्रक्रिया शुरू कर देंगे. इसकी रजिस्ट्री पहले होगी म्यूटेशन भी उसका पहले हो जायेगा.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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