चुनावी साल में अतिपिछड़ों को लुभाने की कोशिश तेज

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पटना : पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती का आयोजन शानदार तरीके से करके सभी राजनीतिक दल अतिपिछड़ों को लुभाने की कोशिश में हैं. इसे लेकर 24 जनवरी को कर्पूरी जयंती के अवसर पर जदयू ने एक तरफ पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बड़े कार्यक्रम के आयोजन का निर्णय लिया है. राजद इसका आयोजन […]

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पटना : पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती का आयोजन शानदार तरीके से करके सभी राजनीतिक दल अतिपिछड़ों को लुभाने की कोशिश में हैं. इसे लेकर 24 जनवरी को कर्पूरी जयंती के अवसर पर जदयू ने एक तरफ पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बड़े कार्यक्रम के आयोजन का निर्णय लिया है. राजद इसका आयोजन अपने प्रदेश कार्यालय में करेगा. सूत्रों का कहना है कि बिहार में कर्पूरी ठाकुर की पहचान अतिपिछड़ों के बड़े नेता के रूप में है.

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यहां छोटी-छोटी आबादी वाली विभिन्न जातियों के समूह अतिपिछड़ों में करीब 103 से जातियां शामिल हैं. मतदाताओं के लिहाज से इनकी हिस्सेदारी करीब 35 फीसदी है. पिछले तीन चुनावों 2010 व 2015 के विधानसभा और साल 2019 के लोकसभा चुनाव में अतिपिछड़ों ने वोट की ताकत दिखायी.
इसी ताकत का फायदा आज के दौर में सभी राजनीतिक दल उठाने के लिए अतिपिछड़ा समुदाय को लुभाना चाहते हैं.
भाजपा मनायेगी कर्पूरी जयंती, स्थान अभी तय नहीं
चुनावी वर्ष होने के कारण राज्य के सबसे बड़े वोट बैंक अतिपिछड़ों के वोट पर भाजपा की भी खासतौर से नजर बनी हुई है. इस वजह से वह भी अन्य पार्टियों की तरह जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती बड़े स्तर पर मनायेगी. हालांकि, इसके लिए भाजपा ने अभी तक स्थान तय नहीं किया है.
इस जयंती समारोह के लिए पार्टी स्तर पर आला अधिकारियों की बैठक करके एक आयोजन समिति बनायी जायेगी, जो पूरे आयोजन की रूपरेखा तैयार करेगी. भाजपा प्रदेश इकाई की यह भी कोशिश है कि किसी अतिपिछड़ा समुदाय से बड़े नेता को इसमें बुलाया जाये.
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