सरकारी अस्पतालों में दो माह बाद होमियोपैथ और आयुर्वेदिक दवाएं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Nov 2019 6:48 AM (IST)
विज्ञापन

पांच वर्ष बाद खरीदी जा रही हैं 300 प्रकार की दवाएं पटना : आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक व यूनानी पद्धति से इलाज करानेवाले मरीजों के लिए खुशखबरी है. पांच साल बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा 300 प्रकार की दवाओं की खरीद की जा रही है. दो माह बाद राज्य के सरकारी अस्पतालों में इसकी आपूर्ति हो जायेगी. 60 […]
विज्ञापन
पांच वर्ष बाद खरीदी जा रही हैं 300 प्रकार की दवाएं
पटना : आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक व यूनानी पद्धति से इलाज करानेवाले मरीजों के लिए खुशखबरी है. पांच साल बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा 300 प्रकार की दवाओं की खरीद की जा रही है. दो माह बाद राज्य के सरकारी अस्पतालों में इसकी आपूर्ति हो जायेगी.
60 दिनों के बाद मरीजों को विभिन्न प्रकार की दवाएं मुफ्त मिलने लगेंगी.स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव सह राज्य आयुष समिति के कार्यपालक निदेशक अरविंदर सिंह ने बताया कि समिति द्वारा राज्य के सभी औषधालयों में दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जायेगी. आयुष पद्धति पर भरोसा रखनेवाले और उसके माध्यम से इलाज कराने वाले मरीजों के लिए समिति द्वारा आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की सूची तैयार की गयी है. इस सूची के अनुसार आयुष समिति द्वारा 300 प्रकार की दवाएं खरीदी जा रही हैं.
इनमें आयुर्वेदिक की 70-80 प्रकार की दवाएं, यूनानी की 60-70 प्रकार की दवाएं और होमियोपैथ की 100 से अधिक प्रकार की दवाओं की खरीद की जा रही है. इधर, आयुष के उपनिदेशक डाॅ लारी ने बताया कि आयुष के तहत राज्य में संचालित औषधालयों में गरीब मरीजों को मुफ्त दवा का अधिक लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि राज्य में सरकार द्वारा 129 औषधालयों का संचालन किया जा रहा है. साथ ही राज्य के 26 पुराने जिलों में संयुक्त जिला औषधालय हैं जहां पर एक छत के नीचे आयुर्वेदिक, यूनानी और होमियोपैथिक चिकित्सकों द्वारा मरीजों का इलाज किया जाता है.
इनके अलावा राज्य में 1384 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां पर सिर्फ आयुष चिकित्सकों की सेवाएं मरीजों को मिल रही हैं. इन अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति होने से आयुष के चिकित्सकों द्वारा परामर्श की गयी दवाएं मुफ्त में ही मरीजों को मिल जायेंगी. मालूम हो कि राज्य में इसके पहले 2014-15 में आयुष की दवाओं की खरीद की गयी थी. इसके बाद से दवाओं की खरीद पूरी तरह से बंद थी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




