पटना : बिना भवन के चल रहे हैं कई आइटीआइ
Updated at : 28 Sep 2019 9:35 AM (IST)
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किराये के मकान में चल रहे हैं 38 सरकारी आइटीआइ पटना : राज्य के सरकारी और प्राइवेट आइटीआइ में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर ट्रेनिंग नहीं मिल रही है. अधिकांश संस्थानों के पास अपना भवन नहीं है. इनमें से 38 सरकारी आइटीआइ हैं. प्रति वर्ष ढाई लाख से अधिक बच्चों का नामांकन सरकारी व निजी […]
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किराये के मकान में चल रहे हैं 38 सरकारी आइटीआइ
पटना : राज्य के सरकारी और प्राइवेट आइटीआइ में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर ट्रेनिंग नहीं मिल रही है. अधिकांश संस्थानों के पास अपना भवन नहीं है. इनमें से 38 सरकारी आइटीआइ हैं.
प्रति वर्ष ढाई लाख से अधिक बच्चों का नामांकन सरकारी व निजी संस्थानों में लिया जाता है, लेकिन इनकी ट्रेनिंग के लिये 90 प्रतिशत प्राइवेट आइटीआइ के पास कोई भी साधन नहीं हैं. श्रम संसाधन मंत्री ने 180 प्राइवेट आइटीआइ पर कार्रवाई करने की बात पिछले दो माह पहले कही थी, लेकिन अभी तक एक भी आइटीआइ को विभाग बंद नहीं करा पाया है. इन्हीं आइटीआइ से छात्रों को हर साल डिग्री मिल रही है.
दीघा सहित 50 संस्थानों में डिजिटल क्लास से हो रही पढ़ाई : विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दीघा आइटीआइ सहित 50 आइटीआइ के छात्रों को डिजिटल क्लास के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है, लेकिन बाकी सरकारी आइटीआइ के बच्चे अब भी पहले की तरह ही पढ़ रहे हैं. वहीं, प्राइवेट आइटीआइ में नामांकन के बाद बच्चों को पढ़ाने के लिये क्लास ही नहीं हैं, तो डिजिटल क्लास कहां से शुरू हो पायेगा.
ऑन जॉब ट्रेनिंग में छात्रों को परेशानी : सरकारी आइटीआइ के छात्रों को ऑन जॉब ट्रेनिंग करना अनिवार्य है, लेकिन बिहार के छात्रों को इसकी भी सुविधा नहीं मिल रही है. दूसरी ओर प्राइवेट आइटीआइ की बात करें, तो उनका सेंटर ही दो-चार कमरों में चलता है और वहां ऑन जॉब ट्रेनिंग पैसों से पेपर पर चलती है.
क्या हैं मानक
बिल्डिंग बाइलॉज का पालन करना होगा. गांव में कम-से-कम दो एकड़ और शहरी इलाके में सवा एकड़ जमीन जरूरी. लीज पर जमीन लेने पर वह 10 साल के लिए हो. छत पक्की या इंडस्ट्रियल शीट की हो.
प्राचार्य कक्ष, रिसेप्शन, प्रशासनिक कक्ष, स्टाफ रूम व काउंसेलिंग रूम, लाइब्रेरी, कैंटीन, पेयजल की सुविधा और खेल का मैदान अनिवार्य कर दिया गया है. पार्किंग, एटीएम, सीसीटीवी और अगलगी, भूकंप सहित अन्य आपदा से बचाव की व्यवस्था रखनी होगी.
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