पटना : हाइकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर मांगी रिपोर्ट

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पटना : पटना हाइ कोर्ट ने पटना जिला के सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव और दयनीय हालत को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है. न्यायाधीश ज्योति शरण की कोर्ट ने राज्य सरकार को 19 जुलाई तक जवाब देने का निर्देश दिया है. विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा द्वारा दायर लोकहित याचिका पर […]

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पटना : पटना हाइ कोर्ट ने पटना जिला के सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव और दयनीय हालत को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है.
न्यायाधीश ज्योति शरण की कोर्ट ने राज्य सरकार को 19 जुलाई तक जवाब देने का निर्देश दिया है. विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा द्वारा दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा कि वह पटना जिला के सभी सरकारी अस्पतालों में जाकर देखे कि वहां क्या-क्या बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं और क्या-क्या नहीं हैं.
कोर्ट ने इसकी विस्तृत जानकारी अगली सुनवाई पर अदालत में पेश करने को कहा. याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान पटना जिले के 12- 13 सरकारी अस्पतालों का रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया. इसमें उन्होंने बताया कि इन सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था सही नहीं है. यहां बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों का उचित ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है.
पटना : हाइकोर्ट ने जेपी विवि, छपरा के रजिस्ट्रार की बर्खास्तगी आदेश पर सोमवार को अंतरिम रोक लगाते हुए कुलाधिपति व विवि प्रशासन को 5 अगस्त तक जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है. न्यायाधीश डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की एकलपीठ ने कैप्टन श्रीकृष्णन की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुरुषोत्तम कुमार झा ने रजिस्ट्रार को हटाये जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी जवाब तलब के उनके पद से हटा कर रवींद्र सिन्हा को रजिस्ट्रार बना दिया गया. जबकि, याचिकाकर्ता ईमानदार अधिकारी है. उन्हें तीन साल के लिए नियुक्त किया गया था. लेकिन, बीच में ही हटा दिया गया. इस पर कोर्ट ने तत्काल रोक लगा दी.
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