पटना : पीएमसीएच के तत्कालीन अधीक्षक समेत 15 के खिलाफ आरोप गठित

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2008 से 2019 के बीच 12 करोड़ रुपये से ऊपर का किया गया था गबन पटना : निगरानी एक के विशेष जज मधुकर कुमार की अदालत ने वर्ष 2008 से 2010 के बीच उपकरण व दवा खरीदगी मामले में लगभग 12 करोड़ से ऊपर का गबन करने में 15 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप का गठन […]

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2008 से 2019 के बीच 12 करोड़ रुपये से ऊपर का किया गया था गबन

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पटना : निगरानी एक के विशेष जज मधुकर कुमार की अदालत ने वर्ष 2008 से 2010 के बीच उपकरण व दवा खरीदगी मामले में लगभग 12 करोड़ से ऊपर का गबन करने में 15 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप का गठन किया.

विशेष अदालत ने पीएमसीएच पटना के तत्कालीन अधीक्षक डॉ ओमप्रकाश चौधरी सहित अन्य जिन अभियुक्तों के खिलाफ आरोप का गठन किया उनमें नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिंह, तत्कालीन उपाधीक्षक गणेश प्रसाद, शल्य विभाग के रघुनाथ शरण, भैषज्य प्रभारी शिवेंद्र प्रसाद, औषधि निरीक्षक विकास शिरोमणि, अशोक कुमार यादव, अधीक्षक सह लेखापाल विष्णु देव प्रसाद, कार्यालय अधीक्षक आनंद विहारी, मशीन उपकरण क्रय विष्णुधारी ठाकुर, लिपिक विजय नारायण, सुनील कुमार गुप्ता, मशीन क्रय लिपिक राजकुमार, डॉ रंजन कुमार सिंह व डॉक्टर सुधीर कुमार शामिल हैं.

विदित हो कि निगरानी ने उपरोक्त मामले में 25 सितंबर 2013 को कुल 15 अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर अनुसंधान किया तो पाया कि अभियुक्तों ने आपसी षड्यंत्र कर अपने पद का भ्रष्ट दुरुपयोग कर वर्ष 2008 से 2010 के बीच पीएमसीएच के लिए जो दवा, रसायन, रिजेंट, मशीन उपकरण समेत अन्य सामग्रियों का जो क्रय किया था, वह नियम के विरुद्ध भ्रष्ट आचरण अपना कर एमआरपी से अधिक मूल्य पर खरीदगी कर सरकार का लगभग 12 करोड़ 63 लाख 62 हजार 970 रुपये की राजस्व क्षति पहुंचायी थी. अदालत ने मामले के एक अभियुक्त शल्य भंडार पीएमसीएच के रघुनाथ शरण सिंह की अदालत में सदेह उपस्थित नहीं रहने पर बंध पत्र खंडित करते हुए गिरफ्तारी का गैर जमानती वारंट निर्गत किया.

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