पटना : उपकरणों का अभाव, कैसे दक्ष होंगे छात्र, 148 सरकारी आइटीआइ में 73 हैं संबद्ध
Updated at : 03 Jan 2019 6:52 AM (IST)
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पटना : पिछले तीन-चार साल के दौरान खुले सरकारी आइटीआइ में सुविधाओं और उपकरणों का अभाव है. कई तो कागज पर ही हैं. भवन के अभाव में पुराने आइटीआइ से संबद्ध कर इन्हें चलाया जा रहा है. इन आइटीआइ में अनुदेशकों की भी कमी है. राज्य के 148 सरकारी आइटीआइ में 73 को दूसरे आइटीआइ […]
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पटना : पिछले तीन-चार साल के दौरान खुले सरकारी आइटीआइ में सुविधाओं और उपकरणों का अभाव है. कई तो कागज पर ही हैं. भवन के अभाव में पुराने आइटीआइ से संबद्ध कर इन्हें चलाया जा रहा है. इन आइटीआइ में अनुदेशकों की भी कमी है. राज्य के 148 सरकारी आइटीआइ में 73 को दूसरे आइटीआइ से संबद्ध कर चलाया जा रहा है. राज्य में 1153 निजी आइटीआइ है. कौशल विकास को लेकर सूबे के जिलों में महिला आइटीआइ और अनुमंडल में सामान्य आइटीआइ खुल चुके हैं.
हाल के तीन वर्षों के दौरान खुले चार दर्जन से अधिक सरकारी आइटीआइ का हाल निजी आइटीआइ की तरह है. विभागीय सूत्रों का कहना है कि नये खुले आइटीआइ का हाल इस साल भी मौजूदा स्थिति की तरह ही होगी. इस साल करीब डेढ़ दर्जन आइटीआइ के भवन बन कर तैयार हो जायेंगे. नये आइटीआइ के दुरुस्त होने में दो से तीन साल का समय लग सकता है.
आइटीआइ खोलने में सोलह करोड़ होते हैं खर्च : सामान्य आइटीआइ खोलने पर 14 से 16 करोड़ रुपये खर्च होते हैं. जबकि महिला आइटीआइ के लिए 12 से 14 करोड़. नये आइटीआइ में 6 ट्रेड होंगे.
आइटीआइ में 32 से 35 इंस्ट्रक्टर व कर्मचारी होते हैं. आइटीआइ में इन्फॉर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम मेंटेनेंस, फिटर, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिक बेल्डर एवं मैकेनिक इंजन डीजल की पढ़ाई होगी.
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