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पटना : बीएड कॉलेजों को स्थायी संबद्धता देने का निर्देश

Updated at : 20 Dec 2018 9:14 AM (IST)
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पटना : बीएड कॉलेजों को स्थायी संबद्धता देने का निर्देश

पटना : पटना हाइकोर्ट ने वीर कुंवर सिंह विवि प्रशासन को निर्देश दिया है कि राज्य के जिन बीएड कॉलेजों को एनसीटीइ ने मान्यता दे दी है, उन्हें स्थायी संबद्धता दे दी जाये. न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने एमएम अजब दयाल सिंह टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई […]

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पटना : पटना हाइकोर्ट ने वीर कुंवर सिंह विवि प्रशासन को निर्देश दिया है कि राज्य के जिन बीएड कॉलेजों को एनसीटीइ ने मान्यता दे दी है, उन्हें स्थायी संबद्धता दे दी जाये.
न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने एमएम अजब दयाल सिंह टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. साथ ही कोर्ट ने विवि प्रशासन की ओर से बीएड काॅलेज के निरीक्षण के नाम पर प्रति वर्ष लिये जाने वाले एक लाख के फीस को भी समाप्त करने का निर्देश दिया. वहीं, सिक्यूरिटी मनी के मद में ली जानी वाली 10 लाख की राशि पर भी अगले आदेश तक रोक लगा दी गयी है.
अदालत को बताया गया कि विवि प्रशासन की ओर से इन बीएड काॅलेजों को हर साल अस्थाई संबद्धता दी जाती है और निरीक्षण के नाम पर विवि प्रशासन द्वारा एक लाख प्रति वर्ष बीएड कॉलेज प्रशासन से लिया जाता है. जबकि, प्रावधानों के अनुसार एनसीटीइ की ओर से मान्यता देने के बाद विवि प्रशासन को बीएड काॅलेजों को स्थायी संबद्धता दिया जाना चाहिए.
सरकार से मांगा जवाब : पटना. हाइकोर्ट ने राज्य के सरकारी मेडिकल काॅलेजों में व्याप्त बुनियादी सुविधाओं के मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को कार्रवाईयों का ब्योरा देने का निर्देश दिया है.
पटना : बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की ओर से बंगला खाली कराने संबंधी एकलपीठ के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर हाइकोर्ट में अब गुरुवार को सुनवाई होगी. मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप शाही और न्यायाधीश अंजना मिश्रा की खंडपीठ में तेजस्वी की ओर से दायर अपील पर बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था. लेकिन, यादव के अधिवक्ता द्वारा समय ले लिये जाने के बाद खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की अगली तिथि 20 दिसंबर गुरुवार को निर्धारित की है.
प्रोन्नत इंजीनियर को मिले आर्थिक लाभ: हाइकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग के 70 प्रोन्नत इंजीनियरों को 1998 से सारे वित्तीय लाभ 4 माह के भीतर दे दिया जाये. न्यायाधीश शिवाजी पांडेय की एकलपीठ ने रवींद्र कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.
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