पटना : शहीदों के ताबूत देख गमगीन हुआ मंजर
Updated at : 25 Oct 2018 8:41 AM (IST)
विज्ञापन

पटना सिटी : …कर्बला के शहीदों की यूं याद मनाते है, 72 का ताबूत उठाते हैं, …शब्बीर की शहादत एक ऐसी दास्तां हैं, सिमटे तो कर्बला है, फैले तो दो जहां है, … हसन-हुसैन दोनों ही मेरे फूल हैं,इनके रोने से तकलीफ होती है. कुछ इसी तरह से कर्बला के शहीदों का दर्द सुनते गमगीन […]
विज्ञापन
पटना सिटी : …कर्बला के शहीदों की यूं याद मनाते है, 72 का ताबूत उठाते हैं, …शब्बीर की शहादत एक ऐसी दास्तां हैं, सिमटे तो कर्बला है, फैले तो दो जहां है, … हसन-हुसैन दोनों ही मेरे फूल हैं,इनके रोने से तकलीफ होती है.
कुछ इसी तरह से कर्बला के शहीदों का दर्द सुनते गमगीन मंजर के बीच जायरीनों की आंखें नम हो गयी थीं. मौका था बुधवार को गुलजारबाग इमाम बारगाह इमाम बांदी बेगम वक्फ स्टेट में निकाले गये 72 ताबूत जुलूस का. सैयद नासिर अब्बास शजर ने सबसे पहले तलावते कलाम पाक से इसकी शुरुआत की. इसके बाद सैयद जररार हुसैन ने सोजखानी व सैयद फारुख हुसैन नकवी ने मर्सिया पढ़ी.
मजलिस में अली जनाब मौलाना सैयद मुराद रजा साहब ने तकरीर की. फिर शुरू हुई एक-एक कर शहीदों के शहादत की गाथा. 72 ताबूतों के मंजर को जीवंत करते मौलाना सैयद कैसर जाैनपुरी ने जब एक-एक शहीदों का जिक्र करते और उनका ताबूत निकाल उपस्थित जायरीनों के बीच लाया जाता,तब जायरीन और गमगीन हो जाते. यह सिलसिला अली अकबर के ताबूत से लेकर छह माह के अली असगर के झूला तक चला.
अंत में कर्बला के आखिरी शहीद हजरत इमाम हुसैन तक का ताबूत निकाला गया. कार्यक्रम के अंत में मुसा अली हाशमी ने सलाम पेश किया.
22 वर्षों का है सफर
72 ताबूत आयोजन समिति से जुड़े सैयद हादी हसन, मिर्जा, इम्तेयाज हैदर, सैयद अमानत अब्बास और सैयद असगर इमाम ने बताया कि 22 वर्षों से यह आयोजन हो रहा है. इन लोगों के अनुसार वर्ष 1998 से इसकी शुरुआत की गयी है. इस तरह का आयोजन बिहार में अकेले होता है. इसमें शामिल होने के लिए देश के उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड व सूबे के विभिन्न जिलों से जायरीन और मौलाना आते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




