पटना : बाढ़ को लेकर राज्य सरकार है मुस्तैद तटबंधों की हो रही लगातार निगरानी
Updated at : 02 Aug 2018 8:39 AM (IST)
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बाढ़ पूर्व सुरक्षा के किये गये हैं पुख्ता इंतजाम पटना : पिछले साल की बाढ़ से हुई भारी तबाही से सतर्कता बरतते हुए राज्य सरकार ने बाढ़ पूर्व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं. इसके तहत नदियों के जल स्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है. संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों पर अधिकारियों […]
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बाढ़ पूर्व सुरक्षा के किये गये हैं पुख्ता इंतजाम
पटना : पिछले साल की बाढ़ से हुई भारी तबाही से सतर्कता बरतते हुए राज्य सरकार ने बाढ़ पूर्व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं. इसके तहत नदियों के जल स्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है. संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों पर अधिकारियों की विशेष नियुक्ति की गयी है. जल संसाधन विभाग के मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का कहना है कि इस साल बाढ़ पूर्व सुरक्षा पर 1250.44 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं. इसके तहत 423 बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य पूरा कर लिये गये हैं. साथ ही अति संवेदनशील और संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया गया है. संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त बाढ़ सुरक्षा सामग्रियों का भंडारण कर लिया गया है.
बाढ़ से सुरक्षा के लिए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों पर पोर्टेबल जेनरेटर, हैलोजन लाइट, खाली सीमेंट बैग, नायलन क्रेट, जिओ बैग और फिल्टर सामग्रियों सेे सज्जित मोबाइल एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी है. स्थलों पर कैंप में 25 से 50 मजदूर 24 घंटे मौजूद रहेंगे.
चिह्नित किये गये अतिसंवेदनशील स्थल
– गंगा – भागलपुर जिले के ईस्माइलपुर, बिंदटोली, खैरपुर-राघोपुर, बीसीई भागलपुर,
समस्तीपुर जिले में चांदपुर-धमौन-रसलपुर और पटना जिले में काला दियारा.
– कोसी – नेपाल प्रभाग पूर्वी बाहोत्थान बांध, सुपौल जिले में पूर्वी कोसी तटबंध का कुछ भाग, सिकरहट्टा मंझारी निम्न बांध. सहरसा जिले में पूर्वी कोसी तटबंध का कुछ भाग और कारूबाबा मंदिर स्थल. दरभंगा जिले में पश्चिमी कोसी तटबंध में घोघरडीहा के नीचे. भागलपुर जिले में सहोरा मदरौनी, खगड़िया जिले में बदलाघाट नगरपाड़ा तटबंध में बीरबास स्थल.
– गंडक – पश्चिमी चंपारण जिले में पीपी तटबंध और जीएच प्रभाग, गोपालगंज जिले में पतहरा छरकी, काला मटिहनियां स्थल, बंधौली-शीतलपुर-फैजुल्लापुर जमींदारी बांध. छपरा जिले में सारण तटबंध के भगवानपुर सरौंझा के पास. पश्चिमी चंपारण जिले में कोयरपट्टी और घोड़हिया स्थल, मिर्जाटोली और दीनदयालनगर.
– बागमती – सीतामढ़ी जिले में भादाडीह स्थल.
– कमला बलान- मधुबनी और दरभंगा जिले में कमला बलान तटबंध के कुछ भाग, सुक्की स्थल के पास देवना, ठेंगहा, कुमरौल आदि.
– संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों पर इंतजाम
अति संवेदनशील स्थलों पर 10 हजार और संवेदनशील स्थलों पर बालू भरे पांच हजार बोरों का भंडारण किया गया है. अति संवेदनशील स्थलों पर 200 घन मीटर बोल्डर और 200 बीए वायर क्रेट का भंडारण किया गया है. अति संवेदनशील और संवेदनशील स्थलों के बीच-बीच में एक लाख बालू भरे बोरे, चार हजार नायलॉन क्रेट, 2500 बालू भरे जिओ बैग, 250 पीबी रोप गैबियन और 50 हजार घनफीट बालू का भंडारण किया गया है.
28 जिले प्रभावित
बिहार का भौगोलिक क्षेत्रफल 94.16 लाख हेक्टेयर है. इसमें से बाढ़ प्रभावित इलाका 68.80 लाख हेक्टेयर है. राज्य के 28 जिले बाढ़ से प्रभावित होते हैं.
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