नीतीश सरकार का अहम फैसला : बिहार में अब सरकारी नौकरियों में चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के पद समाप्त

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नीतीश सरकार का अहम फैसला : बिहार में अब सरकारी नौकरियों में चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के पद समाप्त

पटना : बिहार में अब सरकारी नौकरियों में चतुर्थ वर्गीय कर्मियों का पद समाप्त कर दिया गया है. अब कोई भी कर्मचारी चतुर्थ वर्गीय कर्मी नहीं कहे जायेंगे. मौजूदा व्यवस्था के तहत चपरासी, आदेशपाल या अनुसेवक समेत ऐसे अन्य पदों को चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के वर्ग में शामिल थे. अब चतुर्थ वर्ग को समाप्त करने […]

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पटना : बिहार में अब सरकारी नौकरियों में चतुर्थ वर्गीय कर्मियों का पद समाप्त कर दिया गया है. अब कोई भी कर्मचारी चतुर्थ वर्गीय कर्मी नहीं कहे जायेंगे. मौजूदा व्यवस्था के तहत चपरासी, आदेशपाल या अनुसेवक समेत ऐसे अन्य पदों को चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के वर्ग में शामिल थे. अब चतुर्थ वर्ग को समाप्त करने के बाद से राज्य सरकार की नौकरियों में सिर्फ तीन वर्ग या समूह ही बचे, जिसमें समूह क, ख और ग शामिल हैं.

मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक में लिये गये सभी प्रमुख निर्णयों के बारे में कैबिनेट प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा कि इसमें कुल 20 महत्वपूर्ण मामलों पर मुहर लगी. उन्होंने कहा कि चतुर्थ वर्गीय कर्मियों का वर्ग समाप्त होने के साथ-साथ उनके पद का नाम भी बदलते हुए इसे तृतीय वर्ग में शामिल कर लिया गया है. अब चपरासी, आदेशपाल और अनुसेवक के स्थान पर इन्हें कार्यालय परिचारी और परिचारी (विशिष्ट) के पदनाम से जाना और बुलाया जायेगा.

सातवां वेतनमान की अनुशंसा लागू होने के बाद से पदों का वर्गीकरण किया गया है. अब पे-ग्रेड के स्थान पर पे-लेवल या वेतन स्तर लागू हो गया है. इसके तहत समूह ग में 1 से 5 तक के वेतन स्तर, समूह-ख में 6 से 9 वेतन स्तर और समूह-क में 11 से 14 वेतन स्तर को रखा गया है. ऐसे में चतुर्थ वर्ग का कोई अस्तित्व ही नहीं रह जाता है.

इसके अलावा राज्य की विभिन्न सेवाओं या संवर्गों में प्रोन्नति के लिए वेतन स्तर के आधार पर ही टाइम बाउंड प्रोन्नति देने की प्रक्रिया पूरी की जायेगी. बिहार न्यायिक सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारियों के पेंशन में 1 जनवरी 2016 के प्रभाव से अंतरिम राहत प्रदान की गयी है. इसी सेवा के पदाधिकारियों को 1 जनवरी 2016 के प्रभाव से मूल वेतन पर 30 फीसदी अंतरिम राहत देने की भी स्वीकृति प्रदान की गयी है.

सातवां वेतनमान लागू होने के बाद यह नयी व्यवस्था की गयी है. कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राज्य के प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में राज्य सरकार के अधीन स्वीकृत पद के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के वेतन के लिए एक हजार 436 करोड़ राशि निर्गत की गयी है. इसमें नगर प्रारंभिक, प्रखंड और पंचायत स्तरीय शिक्षक शामिल हैं.

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