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नक्सली के परिजन नहीं बता रहे संपत्ति के स्रोत, भैंसों की कमाई से ‍10 लाख के हवाई सफर

Updated at : 30 Mar 2018 7:39 AM (IST)
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नक्सली के परिजन नहीं बता रहे संपत्ति के स्रोत, भैंसों की कमाई से ‍10 लाख के हवाई सफर

पटना : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल में नक्सली संगठन के मगध क्षेत्र के जोनल कमांडर प्रद्युम्न शर्मा की अवैध संपत्ति जब्त की है. साथ ही उसके भाई बनावर उप क्षेत्र समिति के सचिव प्रमोद शर्मा उर्फ प्रभाकर जी उर्फ प्रमोद सिंह की भी अवैध संपत्ति जब्त की थी. इन दोनों की करीब एक करोड़ […]

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पटना : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल में नक्सली संगठन के मगध क्षेत्र के जोनल कमांडर प्रद्युम्न शर्मा की अवैध संपत्ति जब्त की है. साथ ही उसके भाई बनावर उप क्षेत्र समिति के सचिव प्रमोद शर्मा उर्फ प्रभाकर जी उर्फ प्रमोद सिंह की भी अवैध संपत्ति जब्त की थी. इन दोनों की करीब एक करोड़ की संपत्ति जब्त की गयी है, जिसका बाजार मूल्य 15-20 गुना ज्यादा है.

ईडी ने जब प्रद्युम्न शर्मा की पत्नी से उसकी अवैध कमाई का स्रोत पूछा, तो उसने बड़ा ही अजीब तरह का बहाना बताया. उसने कहा कि हमारी कमाई का एकमात्र मजबूत स्रोत भैंस पालन है. दो भैंसों से प्रत्येक महीने उन्हें 50-55 हजार रुपये की कमाई होती है. तमाम पूछताछ के बाद भी वह अपनी आय के अन्य कोई स्रोत बताने में नाकाम रही. वह इसी बात पर अडिग रही कि हमारी कमाई का एकमात्र जरिया दो भैंसें ही हैं. जब उससे पूछा गया कि इतनी कम कमाई से उसने बेटी का नामांकन 28 लाख रुपये डोनेशन देकर दक्षिण भारत के एक मेडिकल कॉलेज में कैसे करवा लिया, तो इसे भी उसने अपनी दो भैंसों की कमाई ही बतायी. ऐसे में इसकी बची हुई अन्य संपत्तियों की भी तलाश ईडी ने शुरू कर दी है, जिन्हें भी जल्द ही जब्त किया जायेगा.

तमाम पूछताछ के बाद भी इस नक्सली कमांडर की करोड़ों की संपत्ति का सही स्रोत ईडी को पता नहीं चल पाया. जांच में यह पता चला कि नक्सली संगठन की आड़ में इसने करोड़ों रुपये की लेवी कई निर्माण कंपनियों, ठेकेदारों और व्यवसायियों से वसूल की है. साथ ही लेवी नहीं देने वाले एक दर्जन से ज्यादा लोगों की हत्याएं भी करवायीं.

समाज के बेजुबानों और गरीब वर्ग के संघर्ष की लड़ाई के नाम पर चलाये जाने वाले नक्सली आंदोलन की आड़ में प्रद्युम्न शर्मा ने करोड़ों की संपत्ति जमा कर ली है, जो उसकी पत्नी और बेटी समेत अन्य परिवार वालों के नाम पर है. पटना के एक बड़े कोचिंग संस्थान में करीब पौने दो लाख रुपये सालाना खर्च करके उसका बेटा पढ़ता है और यहां एक आलीशान फ्लैट में रहता है. आने-जाने के लिए उसके पास 10 लाख की मोटरसाइकिल है. प्रद्युम्न की बेटी महंगे मेडिकल कॉलेज में तो पढ़ती ही है, साथ ही एक महीने में उसने करीब 10 लाख रुपये की हवाई यात्रा भी कर डाली है. इतने महंगे शौक और ऐशो-आराम का जीवनयापन सिर्फ भैंस से हुई कमाई से करना कहीं से ईडी को नहीं पच रहा है.

अब तक ये संपत्तियां जब्त
कई बैंक खातों में जमा 40 लाख से अधिक रुपये

67 लाख से ज्यादा की अचल संपत्ति

पत्नी के नाम पर 26.62 लाख के छह प्लॉट

दो बेटों नाम से 3.89 लाख रुपये का एक बड़ा प्लॉट

जहानाबाद में घर, जिसकी कीमत 35.47 लाख से ज्यादा

बेटे की मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान

नेताओं, ठेकेदारों और कंपनियों को भी फाइनेंस करता था प्रद्युम्न
प्रद्युम्न राज्य के कई बड़े ठेकेदारों को भी फाइनेंस करता था. कई व्यापारियों को भी उसने पर मदद पहुंचायी है. चेन्नई की कुछ स्टील कंपनियों में भी इसका निवेश है, जिन्होंने इसकी अवैध आय को छिपाने का काम किया है. कई ठेकेदार मगध इलाके में उसके नाम पर वसूली भी करते थे. जांच में यह भी पता चला कि है कि कुछ नेताओं को भी व फंडिंग करता था.

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