नवादा: रजौली में बगीचे में काम कर रहे युवक को सांप ने डंसा, मौत के बाद परिजनों में मचा कोहराम

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नवादा के रजौली प्रखंड में सर्पदंश की एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसमें 32 वर्षीय बबलू भुइयां की बगीचे में काम करते समय मौत हो गई. परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, तीन मासूम बच्चे हुए बेसहारा.

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Nawada News: जिले के रजौली प्रखंड अंतर्गत धर्मपुर गांव में शनिवार को सर्पदंश की एक दर्दनाक घटना सामने आई. गांव के बगीचे में काम करने के दौरान एक विषैले सांप के काटने से 32 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई. इस असामयिक मौत की खबर से धर्मपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है तथा परिजनों में चीख-पुकार मच गई.

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मृतक की पहचान और घटनाक्रम

मृतक की पहचान धर्मपुर गांव निवासी उमेश भुइयां के 32 वर्षीय पुत्र बबलू भुइयां के रूप में की गई है. ग्रामीणों के अनुसार, बबलू शनिवार को गांव स्थित एक बगीचे में मजदूरी कर रहे थे. कार्य के दौरान ही झाड़ियों में छिपे एक जहरीले सांप ने अचानक उनके पैर में डंस लिया. सांप के काटते ही बबलू की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी. उनकी आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन शरीर में जहर तेजी से फैल जाने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, तीन मासूम बेसहारा

मृतक बबलू भुइयां मेहनत-मजदूरी कर अपने पूरे परिवार का पालन-पोषण करते थे. घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य की अचानक मौत से परिवार पर गहरा आर्थिक संकट गहरा गया है. बबलू अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं. पिता का साया छिन जाने से मासूम बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.

समय पर इलाज न मिलना क्षेत्र में बड़ी समस्या

ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रजौली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं. ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक दूरी और त्वरित एंटी-स्नेक वेनम उपचार की समुचित सुविधा न होने के कारण अक्सर पीड़ितों की जान चली जाती है.

पोस्टमार्टम और प्राथमिकी के बाद ही मिलेगा 4 लाख का मुआवजा: सीओ

"प्रखंड प्रशासन को फिलहाल इस घटना की औपचारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है. सर्पदंश से हुई मौत के मामलों में सरकारी आपदा राहत कोष से आश्रितों को 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि दिए जाने का स्पष्ट प्रावधान है. इसके लिए मृतक के शव का सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम कराना और स्थानीय थाने में प्राथमिकी (यूडी केस) दर्ज कराना अनिवार्य है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मुआवजा राशि का भुगतान किया जाता है." मो. गुफरान मजहरी, अंचलाधिकारी (सीओ), रजौली

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