लोमष ऋषि पहाड़ी पर सावन पूर्णिमा मेले का समापन, हजारों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
पहाड़ चढ़ते श्रद्धालुगण
Nawada News : रजौली की ऐतिहासिक लोमष ऋषि पहाड़ी पर सावन पूर्णिमा मेला श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ. हज़ारों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की.
Nawada News : रजौली प्रखंड के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक लोमष ऋषि पहाड़ी पर आयोजित पारंपरिक सावन पूर्णिमा मेले का बीते दिन श्रद्धा और भक्तिमय माहौल में समापन हो गया. पहाड़ी की दुर्गम ऊंचाइयों को पार कर सरमसपुर, धमनी, बहादुरपुर, अमावां, हरदिया और लेंगुरा समेत आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और भगवान लोमष ऋषि के दरबार में शीश नवाया.
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सिमरकोल मोड़ से करीब तीन किलोमीटर का सफर तय कर श्रद्धालुओं के जत्थे पहाड़ी की चोटी तक पहुंचे. यहां मन्नतें पूरी होने पर परंपरा के अनुसार ध्वजारोहण किया गया. श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की.
रामायण काल से जुड़ा है पौराणिक इतिहास, पर्यटन स्थल बनाने की मांग
यह पावन धाम स्थानीय लोक-आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ ऐतिहासिक और पौराणिक संदर्भों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है. स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि यदि राज्य सरकार इस पौराणिक स्थल को पर्यटन मानचित्र पर शामिल करे तो यह क्षेत्र आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है.
सावन पूर्णिमा के अवसर पर यहां हर वर्ष उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ इस स्थल की धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को दर्शाती है. रामायण काल से जुड़ी स्मृतियों को सहेजने और युवाओं को इस विरासत से जोड़ने के लिए इसे विकसित कर आधिकारिक पर्यटक स्थल घोषित करने की मांग भी उठ रही है.

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भक्ति, खरीदारी और व्यंजनों से गुलजार रहा मेला परिसर
मेले के अंतिम दिन पहाड़ी की तलहटी से लेकर मंदिर की सीढ़ियों तक उत्सवी माहौल बना रहा. बच्चों के लिए लगाए गए रंग-बिरंगे झूलों और खिलौनों की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल रही. महिलाओं ने चूड़ी, बिंदी और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी की. वहीं चाट, समोसे, मिठाई और आइसक्रीम के स्टॉलों पर भी लोगों की भीड़ जुटी रही.
पूरे मेला क्षेत्र में गूंजते भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा. श्रद्धालुओं ने सपरिवार पूजा-अर्चना करने के बाद मेले का आनंद उठाया.

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प्रशासनिक मुस्तैदी और जनसहयोग से शांतिपूर्ण रहा आयोजन
विशाल भीड़ को देखते हुए मेला परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रणजीत कुमार के नेतृत्व में मेला स्थल और मंदिर परिसर में पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गयी थी. सिमरकोल मार्ग पर यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रखा गया, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो.
स्थानीय लोगों और मंदिर कमेटी के सक्रिय सहयोग से सावन पूर्णिमा का यह पारंपरिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता, धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता की मिसाल पेश की.
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