नवादा: करोड़ों खर्च के बाद भी हरिश्चंद्र स्टेडियम में जलजमाव, खिलाड़ी बोले- प्रैक्टिस के लिए जगह नहीं

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अमन कुमार, खिलाड़ी

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हरिश्चंद्र स्टेडियम, जो कभी सैकड़ों लोगों के लिए खेल और व्यायाम का केंद्र था, अब बारिश के पानी से भरा एक तालाब बन गया है. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से खिलाड़ियों का अभ्यास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.

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Harishchandra Stadium Waterlogging: “गयी भैंस पानी में” वाली कहावत जिला के हरिश्चंद्र स्टेडियम में चरितार्थ होती दिख रही है. सामान्य दिनों में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और खिलाड़ी सुबह-शाम टहलने और खेलों के अभ्यास के लिए स्टेडियम पहुंचते हैं. लेकिन स्टेडियम के अंदर पानी जमा रहने से खेल मैदान मुफ्त के स्वीमिंग पुल में तब्दील हो गया है. यहां बच्चे पानी में खेलते नजर आते हैं, वहीं आसपास के गाय-भैंस को भी जमा पानी में नहलाया जा रहा है.

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हरिश्चंद्र स्टेडियम के रखरखाव और मेंटेनेंस के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है, लेकिन विकास के नाम पर फिलहाल जलजमाव से जूझता खेल मैदान नजर आ रहा है.

प्रशासनिक कार्यक्रमों का भी होता है आयोजन

हरिश्चंद्र स्टेडियम में समय-समय पर प्रशासनिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है. 26 जनवरी और 15 अगस्त का मुख्य राजकीय समारोह भी इसी स्टेडियम में आयोजित होता है. स्टेडियम के अंदर बने खेल भवन का उपयोग कई इनडोर गेम के अभ्यास के लिए किया जाता है.

वहीं, खेल मैदान में क्रिकेट, हैंडबॉल, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो आदि खेलों की तैयारी के लिए खिलाड़ी आते हैं. इसके अलावा विभिन्न पदों पर बहाली के लिए होने वाले फिजिकल टेस्ट की तैयारी करने वाले सैकड़ों युवक-युवतियां भी सुबह-शाम स्टेडियम में रनिंग, जंपिंग और गोला फेंक आदि का अभ्यास करते थे. जलजमाव के कारण उन्हें निराश होकर प्रैक्टिस छोड़नी पड़ रही है.

लाखों रुपये खर्च के बावजूद जमा हो रहा बारिश का पानी

हरिश्चंद्र स्टेडियम में कोविड के समय नया खेल भवन तथा मैदान में मिट्टी भरवाने पर करोड़ों रुपये खर्च किये गये. स्टेडियम की बाउंड्री वॉल को ऊंचा करने, नया गेट बनाने आदि पर भी लाखों रुपये खर्च किये गये हैं. इसके बावजूद जलजमाव की समस्या बनी हुई है.

स्टेडियम में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी सी भी बारिश के बाद पानी जमा हो जाता है. इसका खामियाजा आम लोगों और खिलाड़ियों को भुगतना पड़ता है. स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही समस्या सामने आती है.

हरिश्चंद्र स्टेडियम में जाम बारिश का पानी | Prabhat Khabar Network
हरिश्चंद्र स्टेडियम में जाम बारिश का पानी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे खिलाड़ी

साधन नहीं होने के बावजूद अपने प्रयास से जिले के खिलाड़ी नाम रोशन कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना कमाल दिखा रहे हैं. खिलाड़ियों के अनुसार कोच और आर्थिक मदद की बात तो दूर, उन्हें खेलने और अभ्यास करने के लिए खेल मैदान तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.

बाकी बचे स्टेडियम के स्थान पर अभ्यास करते खिलाड़ी | Prabhat Khabar Network
बाकी बचे स्टेडियम के स्थान पर अभ्यास करते खिलाड़ी

क्या कहते हैं खिलाड़ी

जिला प्रशासन को हरिश्चंद्र स्टेडियम के रखरखाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि स्टेडियम से हजारों की संख्या में लोग जुड़े हुए हैं. खिलाड़ियों को खेलने के लिए मैदान तक नहीं मिल रहा है.

विक्रम कुमार, कोच

स्टेडियम से जल निकासी का उपाय नहीं है. इससे खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए जगह ही नहीं मिल रही है. यह हर बार की समस्या है. प्रशासन नये खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधा तो बनाये.

अमन कुमार, खिलाड़ी

पानी निकासी को लेकर ठोस उपाय करने की जरूरत है. हाल में मिट्टी भराई के नाम पर खर्च किया गया है. स्टेडियम के चारों ओर पक्का फुटपाथ बनाया गया है, लेकिन वह भी पानी में डूब गया है. जलजमाव से खिलाड़ियों का खेल प्रभावित हो रहा है.

अरविंद कुमार, कोच

मॉर्निंग वॉक और टहलने के लिए जो भी लोग आ रहे हैं, उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बिहार सरकार की सारी योजनाएं ढाक के तीन पात बनी हैं.

श्याम सुंदर कुमार, कोच

फिटनेस और प्रैक्टिस के लिए खिलाड़ी स्टेडियम में आते हैं, लेकिन उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रनिंग और अन्य गेम्स की तैयारी के लिए स्थान ही नहीं है. पिछले दो महीने से स्टेडियम में पानी भरा हुआ है.

संतोष कुमार वर्मा, कोच

बारिश के कारण प्रत्येक साल हम सभी खिलाड़ियों का प्रैक्टिस डिस्टर्ब होता है. लड़कियों को बहुत मुश्किल से प्रैक्टिस के लिए घरों से अनुमति मिलती है, लेकिन साधन शून्य है. हरिश्चंद्र स्टेडियम में खेल के लिए खेल भवन बना है, लेकिन रखरखाव उचित तरीके से नहीं हो रहा है.

काजल कुमारी, खिलाड़ी

क्या कहते हैं अधिकारी

पानी जमा होने की समस्या से सभी अधिकारियों को अवगत कराया गया है. स्टेडियम से जल निकासी के लिए प्रयास हो रहा है. वरीय अधिकारी के अनुसार काम किया जायेगा.

रवि कुमार, प्रभारी जिला खेल पदाधिकारी

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