नवादा में इलाज से 5 साल के बच्चे की मौत, डॉक्टर के इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी थी हालत
सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे परिजन
नवादा के एक गांव में इलाज के दौरान 5 साल के बच्चे की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ी और उसकी जान चली गई. इस घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है.
5 Years Child Died During Treatment : नवादा के सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के पूर्वी पंडूई गांव में शनिवार को कथित झोलाछाप चिकित्सक के इलाज के दौरान पांच वर्षीय मासूम की मौत हो गई. बच्चे की मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई, जबकि घटना को लेकर ग्रामीणों में भी आक्रोश है. परिजनों ने ग्रामीण चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है.
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मृतक की पहचान पूर्वी पंडूई गांव निवासी शंकर चौहान के पांच वर्षीय पुत्र समीर कुमार के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि शनिवार को अचानक बच्चे के पेट में दर्द हुआ था. इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए गांव में ही ग्रामीण चिकित्सक शंभू शर्मा के पास लेकर पहुंचे थे. घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है.
पेट दर्द की शिकायत के बाद चिकित्सक के पास पहुंचा था बच्चा
जानकारी के अनुसार, शनिवार को समीर कुमार को अचानक पेट में दर्द की शिकायत हुई. बच्चे की तबीयत खराब होने पर परिजन उसे गांव में ही इलाज करने वाले ग्रामीण चिकित्सक शंभू शर्मा के पास ले गए.
परिजनों के मुताबिक, चिकित्सक ने बच्चे की जांच करने के बाद उसे कुछ दवाइयां दीं. इसके बाद बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया गया. इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद समीर की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी.
इंजेक्शन लगने के बाद बिगड़ी बच्चे की हालत
परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की हालत तेजी से खराब होने लगी. बच्चे की गंभीर स्थिति देखकर परिजनों ने चिकित्सक से मदद की गुहार लगाई, लेकिन देखते ही देखते समीर की मौत हो गई.
पांच साल के मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए. बच्चे की मौत को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी गई.
बच्चे की मौत के बाद क्लीनिक बंद कर भागने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चे की मौत के बाद ग्रामीण चिकित्सक शंभू शर्मा अपना क्लीनिक बंद कर मौके से फरार हो गया. इसके बाद परिजनों ने मामले की सूचना सीतामढ़ी थाना पुलिस को दी.
सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई. पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया. समाचार लिखे जाने तक आरोपी ग्रामीण चिकित्सक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. पुलिस फिलहाल परिजनों के आरोप और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.
मामले में पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर किए जाने की बात कही जा रही है. वहीं, परिजनों ने दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
कई लोग बिना डिग्री के कर रहे इलाज
मासूम की मौत की घटना के बाद ग्रामीण इलाकों में बिना समुचित योग्यता और वैध अनुमति के इलाज करने वाले कथित झोलाछाप चिकित्सकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के इलाकों में कई जगह ऐसे लोग इलाज करते हैं, जिनके पास पर्याप्त चिकित्सकीय योग्यता या जरूरी अनुमति नहीं होती. इसके बावजूद ग्रामीण मजबूरी में उनके पास इलाज कराने पहुंचते हैं.
झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की उठी मांग
समीर की मौत के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे कथित झोलाछाप चिकित्सकों की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोग स्थानीय स्तर पर इलाज कराने को मजबूर होते हैं, ऐसे में बिना उचित योग्यता इलाज करने वालों पर निगरानी जरूरी है.
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