राजगीर महोत्सव : चिठ्ठी आयी है आयी है चिट्ठी आयी है, वतन से..

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राजगीर (नालंदा) : सोमवार से बुधवार तक आयोजित होनेवाली तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव का सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार की शाम मंगलाचरण से शुरू हुई. इसके बाद गजल सम्राट पद्मश्री पंकज उधास के स्वर लहरी राजगीर की पंचपहाड़ियों में गूंज उठीं. पंकज उदास जो कि भारत सिनेमा जगत के जाने माने हस्तियों में से हैं, […]

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राजगीर (नालंदा) : सोमवार से बुधवार तक आयोजित होनेवाली तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव का सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार की शाम मंगलाचरण से शुरू हुई. इसके बाद गजल सम्राट पद्मश्री पंकज उधास के स्वर लहरी राजगीर की पंचपहाड़ियों में गूंज उठीं. पंकज उदास जो कि भारत सिनेमा जगत के जाने माने हस्तियों में से हैं, उनके स्टेज पर आते ही दर्शकों ने उन्हें तालियों से स्वागत किया.

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उनके चांदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसी बाल…, चिट्ठी आयी है चिट्ठी आयी है…, जैसे गजलों की रेशमी आवाज से लोगों को आनंदित कर दिया. वहीं, मौके पर बैठे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी गजल का भरपूर आनंद उठाया. उनके गजल को सुन मुख्यमंत्री ने एक गजल की फरमाइश की, जिसका बोल चिठ्ठी आयी है आयी है, चिट्ठी आयी है, वतन से चिट्ठी आयी है.

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