सूर्यास्त के बाद सियार का खतरा, परंपरागत हथियार के साथ बाहर ही निकलने की एडवाइजरी

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सूर्यास्त के बाद सियार का खतरा, परंपरागत हथियार के साथ बाहर ही निकलने की एडवाइजरी जारी की गयी है

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मुजफ्फरपुर. मुसहरी के शेरपुर पंचायत के बंगरा हसन चौक व माधोपुर सुस्ता गांव में सियार के प्रकोप से लोग डरे हुए हैं. इसे लेकर तिरहुत वन प्रमंडल ने एक एडवाइजरी जारी की है. बताया गया है कि सियार की सक्रियता शाम होने के समय और रात में बढ़ जाती है जो सूर्योदय से पहले तक बनी रहती है.

इस अवधि में लोगों को बेवजह घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए. वहीं अगर सियार दिख जाए तो उसे अकेले न पकड़ने का प्रयास करें. उसे न तो मारें और न ही पास जायें.विशेष हालातों में समुचित सुरक्षा जैसे भाला , गड़ासी, लाठी आदि साथ से लैस होकर ही घर से बाहर निकलें.

सियार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है. वैसे वन विभाग द्वारा सियारों को पकड़ने के लिए सदस्यों के साथ विभिन्न स्थानों पर पिंजरा लगा कर निगरानी की जा रही है. सियारों के द्वारा किसानों की फसलों को भी बर्बाद किया जा रहा है. इसके लिए फसलों के चारों ओर घेरा लगाने की जरूरत है. बता दें कि सदर थाना क्षेत्र की शेरपुर पंचायत के हसनचक बंगरा गांव में सियार ने करीब एक दर्जन लोगों को काट लिया था. इसमें अधिकतर बच्चे और महिलाएं थीं. बुधवार की शाम सियारों की टोली ने अचानक गांव में एक साथ कई जगहों पर लोगों पर हमला बोल दिया. चार से पांच की संख्या में आये सियार के हमले के बाद गांव में दहशत है. ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं. दिन में भी लाठी के साथ गांव की पहरेदारी कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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