सफाईकर्मियों के आंदोलन से शहर बना कचरा घर: थाली पीटकर उग्र प्रदर्शन, बदबूदार सड़कों से गुजर रहे कांवरिया

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थाली पीट कर प्रदर्शन करते सफाईकर्मी

थाली पीट कर प्रदर्शन करते सफाईकर्मी

सावन के पावन महीने में नगर निगम की उदासीनता और सफाईकर्मियों की हड़ताल ने शहर का बुरा हाल कर दिया है. सड़कों पर कचरे का अंबार लगा है, जिससे कांवरियों को खासी परेशानी हो रही है. कर्मचारियों की मांगें और बिगड़ती स्थिति ने आम लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंचाई है.

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Nagar Nigam Strike: सावन के पवित्र महीने में जहां पूरा शहर शिवभक्ति में लीन है और चारों ओर 'हर-हर महादेव' की गूंज है, वहीं नगर निगम की घोर उदासीनता और संविदा सफाईकर्मियों की हड़ताल ने शहर की सूरत बिगाड़ कर रख दी है. सेवा स्थायी करने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर डटे सफाईकर्मियों ने अब अपना आंदोलन उग्र कर दिया है. आक्रोशित कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर थाली पीट-पीटकर जुलूस निकाला. इस हड़ताल के कारण सड़कों पर गंदगी और कचरे का अंबार लग गया है. सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि सावन के इस पावन अवसर पर दूर-दराज से आने वाले आस्थावान कांवरियों को गंदगी और दुर्गंध से भरी सड़कों से होकर गुजरना पड़ रहा है.

कांवरियों की आस्था पर भारी प्रशासनिक अनदेखी

सावन में श्रद्धालुओं और कांवरियों के लिए विशेष इंतजाम करने के दावों की हवा निकल गई है.

  • कचरे के ढेर से राह: कांवरिया पथ और प्रमुख चौराहों पर कचरे का अंबार लगा है, जिससे श्रद्धालुओं को नंगे पांव गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है.
  • स्वास्थ्य पर खतरा: भीषण गर्मी और बारिश के बीच सड़कों पर सड़ रहे कचरे की वजह से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है.

समान काम-समान वेतन और स्थायीकरण पर अड़े कर्मचारी.

अपनी मांगों को लेकर आंदोलित सफाईकर्मियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

  • मुख्य मांगें: संविदा पर कार्यरत सफाईकर्मियों को अविलंब स्थायी किया जाए तथा आउटसोर्सिंग कर्मियों को 'समान काम-समान वेतन' का अधिकार मिले.
  • उग्र प्रदर्शन: कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

विभागीय उदासीनता और निगम प्रशासन की हठधर्मिता के कारण आज पूरा शहर नारकीय स्थिति झेलने को मजबूर है. आम नागरिकों के साथ-साथ कांवरियों की फजीहत से शहरवासियों में गहरा रोष व्याप्त है.

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देवेश कुमार

लेखक के बारे में

By देवेश कुमार

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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