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Muzaffarpur News: स्कूटी सवार के शरीर में अचानक फंसा चाइनीज मांझा, गला कटने से बचा

Updated at : 12 Feb 2025 10:10 PM (IST)
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Muzaffarpur News

Muzaffarpur News: मोतीझील ओवरब्रिज पर स्कूटी सवार चाइनीज मांझे में फंसकर बाल-बाल बचा. हेलमेट और समय पर ब्रेक लगाने से उसकी जान बची. चाइनीज मांझा बेहद धारदार और खतरनाक होता है, जिससे कई हादसे हो चुके हैं. प्रतिबंध के बावजूद इसका उपयोग जारी है, जिससे जानलेवा घटनाएं बढ़ रही हैं. पढ़ें पूरी खबर…

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Muzaffarpur News: मोतीझील ओवरब्रिज पर बुधवार को स्कूटी सवार युवक के शरीर में चाइनीज मांझा आकर फंस गया. युवक ने स्कूटी की अचानक ब्रेक लगायी. हेलमेट पहने होने के कारण उसका गला कटने से बच गया. लेकिन, जैकेट के बाजू पर मांझा लगने से हल्का कट गया. स्कूटी सवार दामूचौक शिवपुरी का रहने वाला प्रकाश कुमार है. अगर वह स्कूटी का ब्रेक नहीं लगाता तो उसके साथ बड़ा हादसा हो सकता था. राहगीरों की मदद से उसके शरीर में फंसा चाइनीज मांझा को निकाला गया. स्कूटी सवार का कहना था कि अगर समय पर ब्रेक नहीं लगायी होती और हेलमेट नहीं पहना होता तो उसका गला कट जाता. 

बाल-बाल बचा स्कूटी सवार

मोतीझील ओवरब्रिज पर गन्ने का जूस बेचने वाले दुकानदार रोहित कुमार ने बताया कि स्टेशन रोड की ओर से एक पतंग कटकर आ रहा था. पतंग से लटका हुआ चाइनीज मांझा ओवरब्रिज पर स्कूटी सवार के शरीर में फंस गया. हालांकि, उस समय स्कूटी की स्पीड कम थी तो वह ब्रेक लगा दिया. इससे वहल बाल- बाल बच गया. बाजू पर जैकेट हल्का फट गया. स्कूटी सवार के पूरे शरीर में चाइनीज मांझा लिपट गया था. दूसरे राज्य में चाइनीज मांझा से कई लोगों की मौत हो चुकी है. इसी साल बीते 11 जनवरी को यूपी के शाहजहांपुर में चाइनीज मांझा गला में लपटाने से कांस्टेबल शाहरुख खान की मौत हो गयी. 20 जनवरी को यूपी के रायपुर के टिकरापारा में धनेश साहू के दस वर्षीय पुत्र की चाइनीज मांझा से गला कट कर मौत हो गयी.

क्या है चाइनीज मांझा?

पतंग उड़ाने के लिए ज्यादातर चाइनीज मांझे का इस्तेमाल होने लगा है. ये प्लास्टिक और धातु के मिश्रण से बना होता है. चाइनीज मांझा सामान्य मांझे की तुलना में काफी धारदार होता है. ये इलेक्ट्रिक कंडक्टर होता है, जिसका मतलब ये है कि चाइनीज मांझे में करंट आने का खतरा रहता है. ये मांझा आसानी से टूटता भी नहीं है. यही कारण है कि इसमें फंसने के बाद कई पक्षी और इंसानों की मौत तक हो जाती है. करीब दशक भर पहले तक चाइनीज मांझा नेपाल के रास्ते भारतीय बाजार में आता था. उसपर प्रतिबंध तो लग गया, लेकिन शहर-शहर इसकी फैक्ट्री खुल गई.

कैसे होता है चाइनीज मांझा तैयार

चाइनीज मांझे को कुछ लोग प्लास्टिक का मांझा भी कहते हैं. चाइनीज मांझा दूसरे मांझों की तरह धागों से तैयार नहीं किया जाता. इसे नायलॉन और मैटेलिक पाउडर से बनाया जाता है. इसमें एल्युमिनियम ऑक्साइड और लेड मिलाया जाता है. इसके बाद इस मांझे पर कांच या लोहे के चूरे से धार भी लगाई जाती है, जिस वजह से ये मांझा और भी घातक हो जाता है.

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Aniket Kumar

लेखक के बारे में

By Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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