वकील की भेषभूषा, सिम कार्ड निकलवाया... 3 महीने पहले से चल रही थी डबल मर्डर की तैयारी

वकील की भेषभूषा, सिम कार्ड निकलवाया... 3 महीने पहले से चल रही थी डबल मर्डर की तैयारी
मुजफ्फरपुर के चर्चित रिटायर्ड बैंक अधिकारी हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि सुपारी किलर ने हत्या से करीब तीन महीने पहले ही पूरी साजिश रच ली थी। उसने वकील की ड्रेस पहनकर एक रिक्शा चालक को झांसे में लिया और फर्जी सिम का इस्तेमाल किया।
Muzaffarpur Double Murder: मुजफ्फरपुर के चर्चित रिटायर्ड बैंक अधिकारी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम कुंवर हत्याकांड की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब पुलिस जांच में सामने आया है कि सुपारी किलर ने हत्या से करीब तीन महीने पहले ही पूरी साजिश रच ली थी. उसने वकील की ड्रेस पहनकर एक रिक्शा चालक को झांसे में लिया और उसके आधार कार्ड पर फर्जी तरीके से सिम कार्ड निकलवाकर उसी नंबर का इस्तेमाल हत्याकांड में किया. पुलिस ने इस मामले में रिक्शा चालक और सिम कार्ड विक्रेता को गिरफ्तार कर लिया है.
वकील की ड्रेस पहनकर रिक्शा चालक को बनाया शिकार

मिठनपुरा थानेदार अजय कुमार के बयान पर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस के अनुसार, सकरा थाना क्षेत्र के लेयौतन चपड़िया निवासी रिक्शा चालक रणधीर कुमार के नाम पर निकाले गए सिम कार्ड का इस्तेमाल हत्यारा कर रहा था.
पूछताछ में रणधीर ने बताया कि करीब दो-तीन महीने पहले मोतीझील फ्लाईओवर के पास वकील की पोशाक पहने और चेहरे पर मास्क लगाए एक व्यक्ति ने उसका रिक्शा किराये पर लिया. स्टेशन रोड स्थित एक मोबाइल दुकान पर पहुंचकर उसने रणधीर से कहा कि अपने आधार कार्ड पर एक नया सिम निकलवा दो, बदले में पैसे मिलेंगे.
पैसे के लालच में दे दिया सिम

रणधीर पैसे के लालच में आ गया और स्टेशन रोड स्थित सिम विक्रेता राकेश कुमार गुप्ता की दुकान से अपने आधार कार्ड पर आइडिया कंपनी का सिम निकलवाकर उस अज्ञात व्यक्ति को सौंप दिया. बाद में डर लगने पर उसने दुकानदार से सिम बंद कराने की बात कही, लेकिन दुकानदार ने उसे भरोसा दिलाया कि सिम अपने आप बंद हो जाएगा.
जांच में सामने आई सिम विक्रेता की भूमिका
जब पुलिस ने स्टेशन रोड गेट नंबर-4 के पास स्थित सिम दुकान संचालक राकेश कुमार गुप्ता से पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि रिक्शा चालक और वकील की ड्रेस पहने व्यक्ति उसकी दुकान पर आए थे. जांच में सामने आया कि उसने नियमों की अनदेखी करते हुए दूसरे व्यक्ति को रिक्शा चालक के दस्तावेज पर सिम सक्रिय कर सौंप दिया.
पुलिस ने रिक्शा चालक रणधीर कुमार और सिम विक्रेता राकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
हत्या की साजिश पहले से रची गई थी
पुलिस का मानना है कि हत्या से तीन महीने पहले फर्जी सिम की व्यवस्था किए जाने से साफ संकेत मिलता है कि इस डबल मर्डर की साजिश काफी पहले से रची जा रही थी. जांच एजेंसियों को किसी करीबी की संलिप्तता की भी आशंका है. हालांकि अब तक हत्या की असली वजह सामने नहीं आ सकी है. पुलिस तकनीकी और मैनुअल दोनों स्तर पर जांच आगे बढ़ा रही है.
10 हजार का इनामी सुपारी किलर अब भी फरार

मुख्य आरोपी सुपारी किलर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. आरोपी का सीसीटीवी फुटेज और स्केच सोशल मीडिया पर जारी किया गया है. पुलिस की लगातार दबिश के बाद वह अंडरग्राउंड हो गया है. उसकी तलाश में सीतामढ़ी, समस्तीपुर, वैशाली, दरभंगा, पूर्वी चंपारण समेत कई जिलों में छापेमारी की जा रही है.
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