पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर एक दिवसीय हड़ताल, तीन दिन बंद रहेंगे बैंक

Author Kumar gaurav|Edited by Sumit Kumar
Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आज देशभर के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने सहित कई मांगों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन है।

विज्ञापन

All India Bank Strike: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर 11 को हड़ताल, 12 को दूसरे शनिवार का अवकाश और 13 सितंबर को रविवार की छुट‍्टी है. पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने सहित बैंक कर्मचारियों की कई प्रमुख मांगों पर सरकार और प्रबंधन से सहमति न बनने के कारण यह कदम उठाया गया है. हड़ताल के चलते देश भर के सार्वजनिक व वाणिज्यिक बैंकों की शाखाओं में सामान्य कामकाज और वित्तीय सेवाएं बड़े पैमाने पर प्रभावित होने की आशंका है.

विज्ञापन

UFBU Bank Strike: वार्ता विफल होने के बाद लिया गया फैसला

वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय, भारतीय बैंक संघ (आईबीए), बैंक प्रबंधन तथा यूएफबीयू के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बैठकें आयोजित की गईं. इन वार्ताओं के बावजूद कर्मचारियों की मांगों का कोई ठोस और सर्वमान्य समाधान नहीं निकल सका. वार्ता टूटने की मुख्य वजह यह रही कि सरकार की ओर से पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने की कोई निश्चित तिथि या समय-सीमा बताने से साफ इनकार कर दिया गया, जिससे बैंक यूनियनों में गहरा रोष फैल गया.

पांच दिवसीय बैंकिंग की तारीख पर अड़े बैंककर्मी

यूएफबीयू ने स्पष्ट किया है कि बैंककर्मी लंबे समय से प्रत्येक सप्ताह शनिवार और रविवार को पूर्ण अवकाश के साथ पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने की मांग कर रहे हैं. बैंक प्रबंधन और सरकार द्वारा बार-बार केवल मौखिक आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन अधिसूचना जारी करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. यूएफबीयू का कहना है कि यह हड़ताल केवल एक दिन का सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों, एकता और सम्मान की लड़ाई का अहम चरण है.

प्रमुख मांगें और यूनियनों की एकजुटता

बैंक यूनियनों ने प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था तत्काल लागू करने, सरकार की एकतरफा व भेदभावपूर्ण पीएलआई योजना वापस लेकर द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से संशोधन करने, लंबित मुद्दों का त्वरित समाधान निकालने तथा द्विपक्षीय समझौते व सामूहिक सौदेबाजी की परंपरा का सम्मान करने की मांग रखी है. बैंक ऑफ इंडिया के पंकज कुमार ठाकुर ने बताया कि इस देशव्यापी आंदोलन में यूएफबीयू से संबद्ध एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओए, बेफी, आईएनबीईएफ और आईएनबीओसी सहित सभी घटक संगठन पूरी मजबूती से शामिल हैं

यह भी पढ़ें... मोतीपुर में दिन दहाड़े पिस्टल के बल पर कलेक्शन एजेंट से नब्बे हजार रुपये , मोबाइल फोन और हनुमानी लूटा

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन