डिजिटल डकैती: मुजफ्फरपुर में साइबर अपराधियों का तांडव, दो लोगों के खातों से उड़ाए 32 लाख

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डिजिटल डकैती: मुजफ्फरपुर में साइबर अपराधियों का तांडव, दो लोगों के खातों से उड़ाए 32 लाख

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मुजफ्फरपुर में साइबर अपराधियों ने अधिवक्ता और रिटायर्ड शिक्षक को बनाया निशाना। सिम पोर्ट और ट्रेडिंग के नाम पर ठगे 32 लाख रुपये। साइबर पुलिस ने शुरू की जांच।

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Muzaffarpur Cyber Fraud: साइबर अपराधियों का दुस्साहस अब सीमाएं लांघ चुका है! मुजफ्फरपुर में डिजिटल जालसाजों ने एक के बाद एक दो ऐसी सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया है, जिसने पुलिस और आम जनता दोनों के होश उड़ा दिए हैं. एक तरफ यूके (UK) से आए फर्जी कॉल और विदेशी ट्रेडिंग के मायाजाल में फंसाकर एक अधिवक्ता से 22 लाख रुपये से अधिक ऐंठ लिए गए, वहीं दूसरी तरफ बिना किसी भनक के एक रिटायर्ड शिक्षक का सिम कार्ड पोर्ट करवाकर उनके खातों से करीब 9.37 लाख रुपये साफ कर दिए गए. दोनों पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर इस हाई-टेक डकैती की पड़ताल शुरू कर दी है.

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केस 1: यूके से आया कॉल, 'फिनब्रिज' का मायाजाल और 22.79 लाख का चूना

कांटी थाना क्षेत्र के सदातपुर निवासी अधिवक्ता के फोन पर यूके से 'हार्दिक पटेल' नाम के शख्स का कॉल आया. शातिर ने महज 21 हजार रुपये के निवेश से करोड़ों कमाने का लालच दिया. इसके बाद 'फिनब्रिज' कंपनी के आशीष मिश्रा, सुशील बिरला और रोहित कुमार नाम के डिजिटल ठगों ने एंट्री मारी और 1.28 करोड़ रुपये का फर्जी मुनाफा स्क्रीन पर दिखा दिया. फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल!

  • पेनाल्टी का डर: गैर-कानूनी ट्रेडिंग का खौफ दिखाकर 7 जून से 13 अगस्त के बीच 11 अलग-अलग खातों में 22,79,704 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए.
  • फर्जी रसीदें: भरोसा जीतने के लिए फर्जी ई-फाइलिंग रसीदें भेजी गईं.
  • भांडाफोड़: जब शातिरों ने दोबारा 6 लाख रुपये की मांग की, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ.

केस 2: सिम स्वाइप का खौफनाक खेल, 9.37 लाख रुपये गायब

गायघाट के जारंग गोरोली निवासी रिटायर्ड शिक्षक दिग्विजय नारायण सिंह के साथ हुई ठगी का तरीका और भी चौंकाने वाला है. 3 जुलाई 2026 को जालसाजों ने बिना किसी ओटीपी या अनुमति के उनका मोबाइल नंबर धोखे से पोर्ट करवा लिया.

डिजिटल सेंधमारी का पूरा सच:

  • सिम बंद होते ही हमला: मोबाइल नेटवर्क गायब होते ही अपराधियों ने उस नंबर से नया यूपीआई (UPI) आईडी एक्टिवेट कर लिया.
  • बैंक खातों में सेंध: 4 से 24 जुलाई के बीच एसबीआइ (रेड क्रॉस शाखा) से 7.71 लाख और सेंट्रल बैंक (जारंग शाखा) से 1.65 लाख रुपये निकाल लिए गए.
  • कुल नुकसान: रिटायर्ड शिक्षक की जीवन भर की कमाई से 9,37,290 रुपये साफ कर दिए गए.

साइबर पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या डिजिटल फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं.

ये भी पढ़ें: डिजिटल जाल से सावधान: सोशल मीडिया पर ‘NRI’ का मुखौटा पहन उत्तर बिहार में शिकार कर रहा साइबर गैंग



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