बिहार में वित्तरहित शिक्षकों की बल्ले-बल्ले! पूर्व एमएलसी ने सीएम का जताया आभार, 8 साल के बकाया भुगतान की उठाई मांग

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सीएम से मिलते पूर्व एमएलसी डॉ नरेंद्र प्रसाद सिंह

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बिहार सरकार ने वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतनमान देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. पूर्व एमएलसी डॉ नरेंद्र प्रसाद सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया और 8 साल के बकाए भुगतान की मांग उठाई.

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Bihar Vitta Rahit Shikshak: शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर राज्य सरकार द्वारा वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को वेतनमान देने की ऐतिहासिक घोषणा का हर तरफ जोरदार स्वागत किया जा रहा है. इसी सिलसिले में पूर्व एमएलसी डॉ नरेंद्र प्रसाद सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात की और राज्यभर के वित्तरहित कर्मियों की ओर से इस क्रांतिकारी निर्णय के लिए उनका गहरा आभार व्यक्त किया. पूर्व एमएलसी ने सरकार के इस कदम को वित्तरहित शिक्षा नीति के पूर्ण खात्मे की दिशा में उठाया गया सबसे बड़ा और निर्णायक कदम करार दिया.

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एनडीए सरकार के फैसले को बताया मील का पत्थर

मुलाकात के दौरान पूर्व एमएलसी डॉ नरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने वर्ष 2008 में वित्तरहित शिक्षा नीति को समाप्त करते हुए अनुदान प्रणाली शुरू की थी. अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने एक कदम और आगे बढ़कर वेतनमान देने का सराहनीय व साहसिक फैसला किया है. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम से वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहे हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों के जीवन में नया सवेरा आएगा और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी.

70 प्रतिशत आंतरिक स्रोत की राशि पर जताई चिंता

पूर्व एमएलसी ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि वर्ष 2014 के बाद सरकार ने वित्तरहित संस्थानों के आंतरिक स्रोत से प्राप्त आय का 70 प्रतिशत हिस्सा कर्मियों के वेतन मद में देने का स्पष्ट आदेश जारी किया था. हालांकि, शिक्षक प्रतिनिधियों की शिथिलता और लापरवाही के चलते कर्मचारियों को इसका पूरा लाभ कभी नहीं मिल सका. उन्होंने रेखांकित किया कि यदि 70 प्रतिशत आंतरिक आमदनी और सरकारी अनुदान का समय पर पारदर्शी व उचित वितरण हुआ होता, तो वित्तरहित कर्मियों की आर्थिक समस्याओं में काफी पहले ही कमी आ चुकी होती.

वेतनमान अधिसूचना और 8 वर्ष के बकाये भुगतान की मांग

डॉ नरेंद्र प्रसाद सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष वित्तरहित कर्मियों से जुड़ी तीन प्रमुख मांगें रखते हुए त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया:

  1. वेतनमान की अधिसूचना जारी हो: वित्तरहित माध्यमिक एवं इंटर कॉलेजों के कर्मियों को राज्यकर्मियों के समान वेतनमान तथा वित्तरहित डिग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों को यूजीसी वेतनमान देने हेतु सरकार अविलंब आधिकारिक अधिसूचना निर्गत करे.
  2. आठ वर्षों के बकाये का भुगतान: वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के विगत 8 वर्षों से लंबित पड़े बकाया अनुदान का एकमुश्त भुगतान किया जाए, ताकि कर्मियों को तत्कालिक आर्थिक राहत मिल सके.
  3. 7वें वेतनमान व प्रोन्नति का पूर्ण लाभ: राज्यभर के पात्र शिक्षकों को 7वें वेतनमान का पूर्ण वित्तीय लाभ, समयबद्ध प्रोन्नति तथा अन्य सभी देय सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं.

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