Bihar Flood: मुजफ्फरपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही बूढ़ी गंडक, बाढ़ से तबाह हजारों परिवार पलायन को मजबूर

Updated at : 07 Jul 2021 12:38 PM (IST)
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Bihar Flood: मुजफ्फरपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही बूढ़ी गंडक, बाढ़ से तबाह हजारों परिवार पलायन को मजबूर

मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक मंगलवार को लाल निशान को पार कर गयी. 24 घंटे में 20 सेमी वृद्धि के साथ बूढ़ी गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर पहुंच गया है. दादर कोल्हुआ रिंग बांध, विजयी छपरा और बुधनगरा में कटाव भी शुरू हो गया है. नदी में पानी बढ़ने के बाद चंदवारा मिल्लत कॉलोनी, हनुमंत नगर, मुशहरी प्रखंड के कई वार्ड सहित कई नये इलाकों में पानी घुस गया है. सैंकड़ों लोग सामान के साथ ऊंचे स्थान पर या किराये के मकान में जा रहे हैं.

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मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक मंगलवार को लाल निशान को पार कर गयी. 24 घंटे में 20 सेमी वृद्धि के साथ बूढ़ी गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर पहुंच गया है. दादर कोल्हुआ रिंग बांध, विजयी छपरा और बुधनगरा में कटाव भी शुरू हो गया है. नदी में पानी बढ़ने के बाद चंदवारा मिल्लत कॉलोनी, हनुमंत नगर, मुशहरी प्रखंड के कई वार्ड सहित कई नये इलाकों में पानी घुस गया है. सैंकड़ों लोग सामान के साथ ऊंचे स्थान पर या किराये के मकान में जा रहे हैं.

बागमती के जलस्तर में तीन सेमी कमी आयी है, वही गंडक का जलस्तर स्थिर हो गया है. पहले से ही सिकंदरपुर, जीरोमाइल और कांटी के मिठन सराय में बाढ़ से अफरा- तफरी की स्थिति है. बागमती के पानी से औराई- कटरा- बेनीबाद मार्ग पर आवागमन बंद हो चुका है. प्रशासन ने औराई, कटरा व कांटी के 17 पंचायत को बाढ़ प्रभावित माना है.

अहियापुर थाना परिसर में बाढ़ का पानी घुसने से पुलिसकर्मी काफी दशहत में हैं. उनको थाने से सड़क तक आने- जाने के लिए मुशहरी सीओ के तरफ से एक नाव दिया गया है. वहीं, फरियादी भी नाव की ही मदद से अपनी शिकायत देने के लिए थाने पहुंच रहे हैं. हालांकि, बाढ़ का प्रभाव बढ़ने के बाद थाने में फरियादियों के आने की संख्या में काफी कमी आयी है. छोटे- मोटे मामले की शिकायत थानेदार मोबाइल पर मिलने के बाद ही घटनास्थल पर जांच पदाधिकारी को भेज दे रहे हैं.

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बूढ़ी गंडक में तेज गति से बढ़ रहे जलस्तर से बिशनपुर जगदीश पंचायत के करीब सात सौ परिवारों को चपेट में ले लिया है. इस पंचायत के सभी घरों में करीब चार फीट पानी घुस गया है. इस कारण लोग आथर पुल व ऊंचे स्थलों पर शरण ले ली है. पीड़ितों को सबसे बड़ी परेशानी है, भोजन बनाने का कोई साधन नहीं है. घर में पानी घुस जाने से जलावन भींग गया है. बच्चे भूख से परेशान हैं. मवेशियों का चारा भी नहीं मिल रहा है.

बागमती नदी के जलस्तर में कमी आने के बावजूद गायघाट प्रखंड की सात पंचायतों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. बरूआरी पंचायत के महादलित बस्ती के लोग एनएच 57 पर आशियाना बना कर जीवन गुजार रहे हैं. सोमवार की रात जमालपुर कोदई पंचायत के डीहकोदई में नदी की धार से सड़क कट गयी है जिससे आवागमन ठप हो गया है. नदी द्वारा लदौर जगनियां पथ पर भीषण कटाव जारी है.

शिवदाहा पंचायत का प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क समाप्त होने से वहां से आने वाले ग्रामीणों को 25 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है.जानकारी हो प्रखंड के सात पंचायत जमालपुर कोदई, केवटसा, बरूआरी, शिवदाहा, बलौर, लदौर , सुस्ता के हर गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. वहीं कांटा पिरौछा उत्तरी पंचायत के बेनीबाद व कांटा पिरौछा दक्षिणी के महुआरा, नाजीरपुर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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