8वें वेतन आयोग की बड़ी पहल: जोखिम और कठिनाई के आधार पर तय होगा रेल कर्मियों का भत्ता, रेलवे बोर्ड ने मांगा पूरा ब्योरा

8वें वेतन आयोग की बड़ी पहल: जोखिम और कठिनाई के आधार पर तय होगा रेल कर्मियों का भत्ता (AI IMAGE)
8वें वेतन आयोग के तहत रेलवे कर्मचारियों के जोखिम और कठिनाई भत्ते का वैज्ञानिक आकलन होगा. रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों से विस्तृत डाटा मांगा है.
Indian Railways: रेलवे में जान जोखिम में डालकर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है. अब ड्यूटी के दौरान आने वाले जोखिम और कार्य की कठिनाई के वैज्ञानिक आकलन के आधार पर कर्मचारियों को 'रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस' (जोखिम एवं कठिनाई भत्ता) दिया जाएगा. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के तहत रेलवे बोर्ड ने पहली बार देश के सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों से कर्मचारियों से संबंधित विस्तृत ब्योरा मांगा है. इस संबंध में रेलवे बोर्ड के प्रधान कार्यकारी निदेशक (वेतन आयोग) संदीप पाल ने पूर्व मध्य रेलवे (पूमरे) सहित सभी जोनों के महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर 17 जुलाई तक गूगल फॉर्म के माध्यम से समेकित डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. आदेश के बाद मुजफ्फरपुर समेत सोनपुर मंडल में डेटा संकलन का काम तेज हो गया है.
पहली बार कार्य की कठिनाई का होगा वैज्ञानिक आकलन
रेलवे बोर्ड के पत्र के अनुसार, 8वां केंद्रीय वेतन आयोग रेलवे के विभिन्न वर्गों की कार्य परिस्थितियों का विस्तृत अध्ययन कर रहा है. आयोग यह जानना चाहता है कि नियमित ड्यूटी के दौरान किस श्रेणी के कर्मचारियों को कितना शारीरिक और मानसिक तनाव तथा कितना जोखिम उठाना पड़ता है. इसी आधार पर भविष्य में वेतनमान, जोखिम एवं कठिनाई भत्ता तथा अन्य सुविधाओं की रूपरेखा तय की जाएगी. इसके लिए वर्ष 2024-25 का विस्तृत डेटा मांगा गया है. इसमें कार्यरत कर्मचारियों की संख्या के साथ ड्यूटी के दौरान हुई मौतों और गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों का श्रेणीवार विवरण भी शामिल रहेगा.
डिवीजन नहीं, जोनल मुख्यालय से भेजी जाएगी रिपोर्ट
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर डेटा भेजने की जिम्मेदारी संबंधित जोनल मुख्यालय की होगी. सोनपुर, समस्तीपुर या अन्य रेल मंडल अलग-अलग रिपोर्ट नहीं भेजेंगे. पूरे जोन का समेकित डेटा ही रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा. बेहतर समन्वय के लिए पत्र की प्रति पीसीई, पीसीईई, पीसीएमई, पीसीएसटीई समेत सभी मंडल रेल प्रबंधकों (डीआरएम) और मुख्य कारखाना प्रबंधकों (सीडब्ल्यूएम) को भी भेजी गई है.
जोखिम भत्ते की दरों में हो सकता है बड़ा बदलाव
रेलवे यूनियनों का मानना है कि इस बार एकत्र किए जा रहे आंकड़ों के आधार पर रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस के नियमों में बड़े बदलाव हो सकते हैं. वर्तमान में ट्रैकमैन, गैंगमैन, लोको पायलट (रनिंग स्टाफ), सिग्नल स्टाफ जैसी श्रेणियों को अधिक जोखिम वाले कार्यों के आधार पर विशेष भत्ते दिए जाते हैं. नए आंकड़ों के विश्लेषण के बाद न केवल इन भत्तों की दरों में वृद्धि की संभावना है, बल्कि अन्य संवेदनशील श्रेणियों के कर्मचारियों को भी जोखिम एवं कठिनाई भत्ते के दायरे में शामिल किया जा सकता है.
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लेखक के बारे में
By देवेश कुमार
पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.
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