पंचायत सरकार भवन निर्माण में देरी, जमाबंदी रद्दीकरण के 43 मामले लंबित

Updated:
विज्ञापन
पंचायत सरकार भवन निर्माण में देरी, जमाबंदी रद्दीकरण के 43 मामले लंबित

43 cases of cancellation of Jamabandi are pending

विज्ञापन

मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर पंचायत सरकार भवन के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना, जिसे सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में रखा है, जमाबंदी रद्दीकरण से संबंधित समस्याओं के कारण बाधित हो रही है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निदेशक प्रशांत कुमार सीएच ने अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को एक पत्र लिखकर इस समस्या के तत्काल निराकरण का अनुरोध किया है. पत्र में बताया गया है कि वर्तमान में कुल 43 मामले अपर समाहर्ता (राजस्व) के स्तर पर लंबित हैं. इन मामलों के लंबित होने से संबंधित ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सकता है. निदेशक ने इस संबंध में किए गए पत्राचार का हवाला देते हुए लिखा है कि इन लंबित मामलों का यथाशीघ्र निराकरण करने के लिए संबंधित अपर समाहर्ता (राजस्व) को उनके स्तर से भी निर्देश दिए जाएं. साफ तौर पर कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं को सुलभ बनाने और स्थानीय प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी बाधा है. सरकार के लिए इन लंबित मामलों का त्वरित समाधान करना अत्यंत आवश्यक है ताकि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सके़ बता दें कि जिले में 102 पंचायत सरकार भवन के लिए अभी तक भूमि चिह्नित नहीं हो पाई है, जिसके कारण इन भवनों का निर्माण कार्य लंबित है. जिले की कुल 373 पंचायतों में से 267 जगहों पर पंचायत सरकार भवन निर्माण की स्वीकृति मिली है, लेकिन इन 102 स्थानों पर जमीन नहीं मिलने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है. संबंधित अधिकारियों से जमीन की उपलब्धता के संबंध में रिपोर्ट मांगी जा रही है. कुछ मामलों में तो निजी जमीन को आवंटित कर दिया गया है, जिस पर खेती हो रही है, जिससे और भी दिक्कतें आ रही हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
प्रभात कुमार

लेखक के बारे में

By प्रभात कुमार

प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन