मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड : खाली कराया जा रहा एनजीओ का भवन, एक-दो दिनों में टूटेगा, SC से भी ब्रजेश को नहीं मिली राहत

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मुजफ्फरपुर : नगर निगम ने ब्रजेश ठाकुर के साहू रोड स्थित बालिका गृह भवन को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है. ध्वस्त करने के पहले भवन को खाली कराया जा रहा है. समझा जाता है कि बिल्डिंग बायलॉज के प्रावधानों का उल्लंघन कर बनाये गये इस भवन को तोड़ने की कार्रवाई एक-दो दिनों […]

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मुजफ्फरपुर : नगर निगम ने ब्रजेश ठाकुर के साहू रोड स्थित बालिका गृह भवन को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है. ध्वस्त करने के पहले भवन को खाली कराया जा रहा है. समझा जाता है कि बिल्डिंग बायलॉज के प्रावधानों का उल्लंघन कर बनाये गये इस भवन को तोड़ने की कार्रवाई एक-दो दिनों में शुरू होगी. उधर, भवन को ध्वस्त होने से रोकने की ब्रजेश ठाकुर के परिवार की अर्जी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दी.

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ब्रजेश के बच्चों ने अर्जी देकर निगम की कार्रवाई रोकने की गुहार लगायी थी. सोमवार को जिला प्रशासन की तरफ से प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट व रिसीवर तथा निगम के कर्मचारी बालिका गृह पहुंचे. पुलिस बल की मौजूदगी में निगम प्रशासन ने कमरे के अंदर रखे समान को खाली कराना शुरू किया. सभी जब्त समान को कंपनीबाग स्थित एमआरडीए भवन में शिफ्ट किया जा रहा है. इसकी सूची भी बनाया जा रही है और वीडियोग्राफी भी हो रही है.

10 दिसंबर तक था ध्वस्त करने का अल्टीमेट : सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए नगर आयुक्त संजय दूबे ने बिल्डिंग बायलॉज के विपरीत बने बालिका गृह भवन को दस दिसंबर तक खाली करा उसे ध्वस्त करने का अल्टीमेटम दिया था.

ब्रजेश ठाकुर व उनके परिजनों को खुद के खर्च पर भवन को ध्वस्त करना था, लेकिन अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के आखिरी दिन तक जब भवन को ध्वस्त करने की कवायद नहीं शुरू की गयी, तब निगम प्रशासन ने अपने स्तर से भवन को खाली करा ध्वस्त करने की कार्रवाई प्रारंभ किया. फैसला के मुताबिक, इस पर होने वाले खर्च की राशि निगम प्रशासन ब्रजेश ठाकुर की संपत्ति को नीलाम कर करेगा.

ब्रजेश के परिजनों ने किया विरोध

सोमवार की शाम जब ट्रैक्टर मंगा कर बालिका गृह के सामान को उसपर लोड किया जा रहा था तो ब्रजेश की मां मनोरमा देवी और अन्य रिश्तेदारों ने इसका कड़ा विरोध किया. उन्होंने मजिस्ट्रेट से भवन को खाली कराने से संबंधित कोर्ट से मिले आदेश की प्रति दिखाने को कहा. थोड़ी देर के लिए वहां हंगामा भी हुआ.

चाबी के इंतजार में छह घंटे तक बैठे रहे मजिस्ट्रेट : सील बालिका गृह भवन को खोलने की प्रक्रिया पूर्ण करने में छह घंटे का समय लग गया. मजिस्ट्रेट व निगम कर्मी सुबह दस बजे ही बालिका गृह परिसर में दाखिल हो गये थे, लेकिन भवन की चाबी सीबीआई के पास थी. निगम प्रशासन ने सीबीआई के अधिकारियों से संपर्क साधा. इसके बाद चाबी सीबीआई के पटना कार्यालय से मंगाया गया. इसमें करीब छह घंटे का समय लगा.

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