पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा : हेमंत

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बंदोबस्त कार्यालय परिसर में प्रदर्शन

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मुंगेर. ओपीएस बहाली और एनपीएस-यूपीएस के विरोध में चल रहे ब्लैक वीक के अंतिम दिन कर्मचारी संगठन के बैनर तले शुक्रवार को बंदोबस्त कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारी पुरानी पेंशन नीति को लागू करने की मांग कर रहे थे. प्रदर्शन का नेतृत्व महासंघ गोपगुट के अध्यक्ष हेमंत कुमार सिंह एवं सचिव रंजन कुमार ने संयुक्त रूप से किया. हेमंत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एनपीएस में सुधार कर लायी गयी यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू करने की घोषणा से सरकारी कर्मचारी नाराज हैं. ओपीएस बहाली के लिए और एनपीएस/यूपीएस के विरोध में 2 से 6 सितंबर तक काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया. आज हमलोग प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज करा रहे है. उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों व शिक्षकों के बुढ़ापे का सहारा है. जिसे लागू होने तक आंदोलन जारी रहेगा. संयुक्त सचिव रामानंद शर्मा ने कहा कि हम 30 – 40 वर्षों तक देश की सेवा के उपरांत पेंशन पाते हैं. जबकि सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य पांच वर्ष में ही पुरानी पेंशन के हकदार हो जाते हैं, जो कही से भी न्यायोचित नहीं है. संघ के मुख्य संरक्षक सतीश प्रसाद सतीश ने एनपीएस-यूपीएस को अविलंब वापस लेने की मांग की सरकार से की. मौके पर संजय कुमार पांडे, प्रवीण कुमार, मो. रिजवान अहमद, मिथुन कुमार, पुरुषोत्तम तिवारी, नितिन कुमार, सोनी कुमारी, सेमफुल देवी सहित अन्य मौजूद थी.

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