हाई-स्पीड ट्रेनों की सुरक्षा पर बड़ा कदम, जमालपुर IRIMEE और IIT खड़गपुर में हुआ पांच साल का समझौता

Updated:
विज्ञापन

जमालपुर स्थित भारतीय रेलवे यांत्रिक व विद्युत अभियंत्रण संस्थान. | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

जमालपुर स्थित IRIMEE और IIT खड़गपुर ने हाई-स्पीड ट्रेन संचालन के लिए 5 साल का रणनीतिक समझौता किया है. यह सहयोग रेलवे अधिकारियों को वंदे भारत और मेमू जैसी ट्रेनों के तकनीकी प्रशिक्षण और परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा.

विज्ञापन

जमालपुर स्थित इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) खड़गपुर के साथ पांच वर्ष का रणनीतिक समझौता किया है. समझौते को 14 सितंबर 2026 को इरिमी के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा और आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती की औपचारिक मंजूरी मिली. इससे रेलवे अधिकारियों के तकनीकी प्रशिक्षण और हाई-स्पीड ट्रेन संचालन से जुड़ी क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में सहयोग का रास्ता खुलेगा.

विज्ञापन

आईआईटी खड़गपुर में होगा दो सप्ताह का आवासीय प्रशिक्षण

समझौते के तहत आईआईटी खड़गपुर परिसर में दो सप्ताह की उच्चस्तरीय आवासीय प्रशिक्षण श्रृंखला आयोजित की जाएगी. इसका शीर्षक ‘कोर्स ऑन इलेक्ट्रिक सेफ्टी एंड ट्रैक्शन सिस्टम ऑफ ट्रेन सेट डीपीआरएस (वंदे भारत और मेमू)’ रखा गया है.

इस समझौते पर 8 सितंबर को आईआईटी खड़गपुर में इरिमी के डीन एवं वरिष्ठ प्रो. प्रेम प्रकाश और आईआईटी खड़गपुर के डीन एवं आउटरीच प्रो. स्वागत दास गुप्ता ने हस्ताक्षर किये थे.

16 नवंबर से शुरू होगा पहला बैच

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला आधिकारिक बैच 16 से 27 नवंबर 2026 तक चलेगा. इसमें देश के विभिन्न परिचालन क्षेत्रों से चयनित 40 वरिष्ठ रेलवे अधिकारी शामिल होंगे. इन अधिकारियों का चयन रेलवे बोर्ड की ओर से किया जाएगा.

160 किमी प्रति घंटे से अधिक गति के लिए तैयार होंगे इंजीनियर

इरिमी के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने बताया कि पाठ्यक्रम को आधुनिक और हाई-स्पीड ट्रेनों के बेड़े को संभालने के लिए तकनीकी गहराई और व्यावहारिक परिचालन ज्ञान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. प्रशिक्षण में वंदे भारत सेमी हाई-स्पीड ट्रेन, मेमू और आधुनिक रोलिंग स्टॉक के रखरखाव तंत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

उन्होंने बताया कि उन्नत डायग्नोस्टिक्स, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस तकनीक, रेल विद्युतीकरण और कोच एसेट मैनेजमेंट में आधुनिक तकनीकों को प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया जाएगा. इसका उद्देश्य रेलवे इंजीनियरों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे और उससे अधिक की गति वाली ट्रेनों को सुरक्षित ढंग से संभालने के लिए तैयार करना भी है.

आईआईटी पटना में हो चुका है पायलट प्रशिक्षण

इरिमी के डीन एवं वरिष्ठ प्रोफेसर प्रेम प्रकाश ने बताया कि पांच वर्ष की अवधि में प्रशिक्षण क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से बढ़ाने का अवसर मिलेगा. नियमित बैच की क्षमता 24 से बढ़ाकर 40 अधिकारियों तक की जा सकेगी.

उन्होंने बताया कि इससे पहले आईआईटी पटना के साथ पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसमें रेलवे बोर्ड की ओर से 16 अलग-अलग रेलवे जोन से नामांकित 25 प्रशिक्षु शामिल हुए थे और प्रशिक्षण को बेहतर प्रतिक्रिया मिली थी. इसके बाद रेलवे बोर्ड ने अन्य अधिकारियों के लिए भी इस तरह का प्रशिक्षण आयोजित करने की इच्छा जतायी.

हाई-स्पीड ट्रेन की विद्युत सुरक्षा और कर्षण प्रणाली पर विशेष पाठ्यक्रम

प्रो. प्रेम प्रकाश ने कहा कि आईआईटी खड़गपुर के साथ साझेदारी से उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण क्षमताओं को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा. उनके अनुसार यह भारतीय रेलवे का पहला ऐसा विशेष पाठ्यक्रम है, जिसमें हाई-स्पीड ट्रेन सेट की विद्युत सुरक्षा और कर्षण प्रणाली के आपसी संबंधों पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया जाएगा.

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लौटकर स्थानीय रखरखाव प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में योगदान देंगे. इससे तकनीकी दक्षता, सुरक्षा अनुपालन और उपनगरीय रेल संचालन से जुड़ी कार्यप्रणाली को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन