समय से कॉलेज नहीं भेजते वेतन के लिये डिमांड व शपथ पत्र, विश्वविद्यालय पर संघ का दवाव

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वैसे तो मुंगेर विश्वविद्यालय के कॉलेज खुद ही विश्वविद्यालय के आदेशों की अवहेलना में सबसे आगे हैं.

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मुंगेर. वैसे तो मुंगेर विश्वविद्यालय के कॉलेज खुद ही विश्वविद्यालय के आदेशों की अवहेलना में सबसे आगे हैं. लेकिन जब खुद की लापरवाही के कारण वेतन का मामला लटकता है तो विश्वविद्यालय पर विलंब का ठिकरा फोड़ रहे हैं. हाल यह है कि अक्तूबर माह के वेतन को लेकर विश्वविद्यालय द्वारा पहले ही कॉलेजों से वेतन का डिमांड तथा शपथ पत्र मांगा गया, लेकिन एक दिन पहले ही कई कॉलेजों द्वारा विश्वविद्यालय को डिमांड और शपथ पत्र भेजा गया है. जबकि इससे अलग एमयू के कई संघ इसके लिये विश्वविद्यालय पर ही दवाब बना रहे हैं.

10 दिन में कॉलेजों द्वारा भेजा गया डिमांड और शपथ पत्र विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक माह शिक्षक एवं कर्मियों के वेतनादि भुगतान को लेकर कॉलेजों से डिमांड मांगा जाता है. वहीं अब प्रभारी कुलपति के निर्देशानुसार कॉलेजों से डिमांड के साथ शपथ पत्र भी मांगा जाता है. इसे लेकर ही अक्तूबर माह के वेतन भुगतान को लेकर 31 अक्तूबर को ही विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेजों से डिमांड और शपथ पत्र मांगा गया. हलांकि छठ पर्व अवकाश के बाद कॉलेजों द्वारा डिमांड और शपथ पत्र भेजना आरंभ किया गया, लेकिन एमयू के 17 अंगीभूत कॉलेजों को अक्तूबर माह का वेतन डिमांड तथा शपथ पत्र भेजने में 10 दिन का समय लग गया. अब ऐसे में शिक्षकों और कर्मियों को अपने वेतन मिलने में विलंब होना वाजिब है.

इन कॉलेजों द्वारा एक दिन पूर्व भेजा गया है शपथ पत्र

बता दें कि एमयू के जेआरएस कॉलेज, बीआरएम कॉलेज, आरएस कॉलेज, तारापुर, केकेएम कॉलेज, जमुई, डीएसएम कॉलेज, झाझा, केएसएस कॉलेज, लखीसराय तथा केएमडी कॉलेज परबत्ता द्वारा एक दिन पहले बुधवार को शपथ पत्र भेजा गया है. वह भी विश्वविद्यालय द्वारा बार-बार रिमाइंडर देने के बाद कॉलेजों द्वारा वाट्सअप पर ही वेतन को लेकर शपथ पत्र भेज दिया गया. इतना ही नहीं विश्वविद्यालय द्वारा अक्तूबर माह के वेतन भुगतान को लेकर न्यू पेंशन स्कीम के तहत एक अलग से फॉर्मेट भी भेजा गया था, जिसे 6 कॉलेजों से खुद विश्वविद्यालय को मंगाना पड़ा. इसमें कोशी कॉलेज, खगड़िया, एसकेआर कॉलेज, लोहंडा, आरएस कॉलेज, आरडी कॉलेज, शेखपुरा तथा बीआरएम कॉलेज, मुंगेर द्वारा एनपीएस का फॉर्मेट ही विश्वविद्यालय को विलंब से भेजा गया.

कहते हैं कुलसचिव

एमयू के कुलसचिव कर्नल विजय कुमार ठाकुर ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पेंशन का भुगतान तीन दिन पहले ही कर दिया गया है. हलांकि वेतन को लेकर कई कॉलेजों द्वारा विलंब से शपथ पत्र व डिमांड भेजा गया. जिसके कारण भुगतान में विलंब हुआ. अक्तूबर माह के वेतन भुगतान को लेकर तैयारी कर ली गयी है. जल्द ही भुगतान कर दिया जायेगा.

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