ब्रह्मपुत्र मेल फिर 7 घंटे लेट: कामाख्या से ही बिगड़ी रफ्तार, जानें आज किस समय जमालपुर पहुंचेगी 15658 अप

विज्ञापन

कामाख्या दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल अंतर्गत भागलपुर-जमालपुर-किऊल रेलखंड पर ट्रेनों की लेटलतीफी जारी है. सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली 15658 अप ब्रह्मपुत्र मेल अपने निर्धारित समय से 7 घंटे से अधिक देरी से चल रही है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्पीड प्रतिबंध भी देरी का एक बड़ा कारण है.

विज्ञापन

पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल में, साहिबगंज लूप लाइन पर ट्रेनों की देरी एक गंभीर समस्या बनी हुई है. भागलपुर-जमालपुर-किऊल रेलखंड पर यह देरी थमने का नाम नहीं ले रही है. इस रूट की सबसे महत्वपूर्ण और जीवन रेखा मानी जाने वाली 15658 अप कामाख्या-दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल बुधवार को भी अपने निर्धारित समय से करीब 7 घंटे की देरी से चल रही है.

विज्ञापन

यात्रियों को हो रही परेशानी

पिछले कई दिनों से इस ट्रेन के घंटों विलंब से चलने के कारण भागलपुर, जमालपुर और आसपास के जिलों के दैनिक व लंबी दूरी के यात्रियों को भारी असुविधा और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. भागलपुर के एक दैनिक यात्री, रमेश कुमार, ने बताया कि वह रोज़ काम पर जाते हैं, लेकिन ट्रेन की देरी की वजह से उन्हें हमेशा यह डर लगा रहता है कि कहीं देर होने के कारण उनकी नौकरी न चली जाए.

सुबह 9:14 बजे का था समय, शाम 5 बजे पहुंचने की उम्मीद

रेलवे परिचालन विभाग ने बताया कि अप ब्रह्मपुत्र मेल के जमालपुर जंक्शन पहुंचने का नियमित समय सुबह 9:14 बजे तय है. लेकिन लेटलतीफी के चलते यह ट्रेन बुधवार सुबह 10:00 बजे तक केवल बारसोई जंक्शन के करीब ही पहुंच सकी थी.

बारसोई से जमालपुर के बीच लगभग 10 महत्वपूर्ण ठहराव वाले स्टेशन हैं. रेलवे के अनुमान के अनुसार, यदि रास्ते में और अधिक देरी नहीं हुई तो यह ट्रेन बुधवार शाम करीब 17:00 बजे (5:00 बजे) तक जमालपुर पहुंच सकेगी.

प्रारंभिक स्टेशन से ही री-शेड्यूल होकर खुली ट्रेन

ट्रेन के इस कदर पिछड़ने का मुख्य कारण प्रारंभिक स्टेशन से ही इसका अत्यधिक देरी से रवाना होना है. कामाख्या जंक्शन से इस ट्रेन के खुलने का नियमित समय मंगलवार शाम 16:55 बजे था, लेकिन रैक की अनुपलब्धता और लेट लिंकिंग के चलते इसे री-शेड्यूल कर मध्य रात्रि 23:00 बजे के बाद रवाना किया गया.

कामाख्या से ही 6 घंटे से अधिक की देरी से चलने के कारण रास्ते में ट्रेन का समय लगातार बिगड़ता चला गया.

तीन दिनों से पटरी से उतरा परिचालन, 13 घंटे तक हुई लेट

यह लेटलतीफी कोई नई बात नहीं है. सोमवार को तो हद ही हो गई, ब्रह्मपुत्र मेल अपने तय समय से पूरे 13 घंटे पीछे चल रही थी. मंगलवार को, ट्रेन करीब 9 घंटे 30 मिनट लेट होकर शाम 18:50 बजे जमालपुर पहुंची थी, और आज, बुधवार को भी यह 7 घंटे से अधिक की देरी से ट्रैक पर दौड़ रही है.

जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर उत्तर-पूर्व और दिल्ली को जोड़ने वाली यह प्रमुख ट्रेन होने के कारण इसमें भारी भीड़ रहती है. खासकर मरीज, परीक्षार्थी और नौकरीपेशा यात्री प्लेटफॉर्म पर घंटों बैठकर इंतजार करने को मजबूर हैं. एक मरीज को समय पर इलाज के लिए शहर पहुंचने में देरी के कारण गंभीर कठिनाई का सामना करना पड़ा.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में धीमी गति

ट्रेन के विलंब का एक अन्य बड़ा कारण पूर्वोत्तर और बिहार के बाढ़ प्रभावित रेलखंडों पर लगाया गया गति प्रतिबंध (कॉशन ऑर्डर) है. कई स्थानों पर रेल पटरियों के समीप बाढ़ का पानी पहुंच जाने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों को 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी गति से चलाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं.

संवेदनशील पुल-पुलियों और कॉशन वाले क्षेत्रों में गति धीमी होने से भी ट्रेनों के परिचालन समय पर व्यापक असर पड़ रहा है.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन