मोतिहारी में एक कमरे में चल रहे दो कार्यालय, काम कराने पहुंचे लोग हो रहे कन्फ्यूज्ड
जिला प्रोग्राम कार्यालय का एआई जेनरेटेड फोटो | Prabhat Khabar Network
मोतिहारी जिले में प्रशासनिक व्यवस्था की अनोखी तस्वीर सामने आई है, जहां जिला प्रोग्राम कार्यालय और महिला एवं बाल विकास निगम का कार्यालय एक ही कमरे से चल रहा है. नेमप्लेट न होने से लोगों को पहचान करने में भारी परेशानी हो रही है.
Motihari News: मोतिहारी जिले में प्रशासनिक व्यवस्था की एक अजीब तस्वीर सामने आई है. जिला प्रोग्राम कार्यालय के एक ही कमरे में दो अलग-अलग कार्यालय संचालित किए जा रहे हैं. एक तरफ जहां जिला प्रोग्राम कार्यालय का नियमित कामकाज होता है, वहीं दूसरी तरफ महिला एवं बाल विकास निगम का कार्यालय भी इसी एक कमरे से चलाया जा रहा है. वर्षों से चली आ रही इस अजीब व्यवस्था के कारण वहां अपने निजी और आधिकारिक कामों से पहुंचने वाले लोग बुरी तरह भ्रमित हो रहे हैं.
पहचान के अभाव में भटक रहे हैं आम लोग
दोनों कार्यालयों के कार्य और उद्देश्य पूरी तरह से अलग-अलग हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों का कहना है कि इन्हें अलग-अलग स्थानों पर संचालित किया जाना चाहिए. एक ही कमरे में दो दफ्तर होने से आम नागरिकों को संबंधित कर्मी और सही कार्यालय की पहचान करने में भारी परेशानी होती है. खासकर जो लोग पहली बार कार्यालय पहुंचते हैं, उन्हें यह समझ नहीं आता कि अपने काम के सिलसिले में वे किस कर्मचारी से संपर्क करें.
नेमप्लेट न होने से बढ़ रही है लोगों की परेशानी
कार्यालय की व्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि किसी भी कर्मी के बैठने वाले निश्चित स्थान पर नेमप्लेट या नाम की तख्ती नहीं लगाई गई है. इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की पहचान करने के लिए यहां-वहां पूछताछ करनी पड़ती है. इस वजह से लोगों का अनावश्यक समय बर्बाद होता है और उन्हें चिलचिलाती धूप या ठंड में भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है.
गोपनीयता और विभागीय कार्यों पर उठ रहे सवाल
विभागीय कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले बेहद संवेदनशील और गोपनीय प्रकृति के होते हैं. एक ही छोटे से कमरे में दो अलग कार्यालयों के एक साथ संचालन से कार्यालय की गोपनीयता भी खतरे में पड़ जाती है. स्थानीय बुद्धिजीवियों और आम जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोनों कार्यालयों के लिए अलग-अलग कमरे और स्वतंत्र कार्यस्थल की व्यवस्था की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके.
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