रक्सौल-घोड़ासहन कैनाल रोड का 20 मीटर हिस्सा बहा, सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद

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रक्सौल के जयमंगलापुर के पास नहर में बड़े कटाव से करीब 20 मीटर सड़क बह गई है, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है. सैकड़ों एकड़ धान की फसल भी जलमग्न होकर बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है.

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रक्सौल से जितेंद्र कुमार की रिपोर्ट

Raxaul News: पूर्वी चंपारण के रक्सौल में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया. रक्सौल-घोड़ासहन नहर कैनाल रोड पर जयमंगलापुर गांव के पास नहर में तेज कटाव के कारण करीब 20 मीटर से अधिक सड़क बह गई. सड़क ध्वस्त होने से दर्जनों गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है. वहीं नहर का पानी खेतों में फैलने से सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई. किसानों ने प्रशासन से मुआवजे और सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है.

जयमंगलापुर के पास बह गई सड़क

घटना रक्सौल प्रखंड की सिसवा पंचायत अंतर्गत जयमंगलापुर गांव के समीप हुई. सड़क ध्वस्त होने के बाद इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. हालांकि, लोगों को फिलहाल सैनिक रोड के विकल्प से आंशिक राहत मिल रही है.

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करने लगे.

रिसाव के बाद धंस गई सड़क

ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान पर सड़क टूटी है वहां नहर के नीचे खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए होम पाइप लगाया गया था. लगातार बढ़ते जलदबाव और पानी के रिसाव से पहले सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर हुई और फिर देखते ही देखते सड़क का बड़ा हिस्सा तेज बहाव में बह गया.

ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिनों से इस स्थान पर पानी का रिसाव हो रहा था. इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई.

सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न

नहर टूटने के बाद पानी सीधे आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई. किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के बाद फसल अच्छी स्थिति में थी, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया.

कई किसानों ने कहा कि अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और सरकार को जल्द नुकसान का आकलन कर मुआवजा देना चाहिए.

ग्रामीणों ने उठाई मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने नहर विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने, सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और नहर के कटाव को रोकने के लिए स्थायी उपाय करने की मांग की है. उनका कहना है कि सड़क बंद होने से स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.

नेपाल में बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

इधर, नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. इससे भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन स्थानीय लोग समय रहते ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.

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अनिकेत कुमार

लेखक के बारे में

By अनिकेत कुमार

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

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