मोतिहारी: बैंक लूट के चार साल बाद आया फैसला, दो दोषियों को 10 साल की सजा और 51-51 हजार जुर्माना

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सांकेतिक तस्वीर

मोतिहारी की पंजाब नेशनल बैंक में हथियार के बल पर 13.20 लाख रुपये लूटने के मामले में कोर्ट ने 4 साल बाद फैसला सुनाया है. दो दोषियों को 10-10 साल की सश्रम कारावास और 51-51 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है.

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Motihari News: मोतिहारी. पहाड़पुर थाना क्षेत्र के सटहा नौवाडीह स्थित पंजाब नेशनल बैंक को हथियार के बल पर लूटने के मामले में कोर्ट ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र नारायण सिंह ने दोनों दोषियों पर 51-51 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी.

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हथियार के बल पर बैंक से लूटे थे 13.20 लाख रुपये

मामला 28 अगस्त 2022 का है. तत्कालीन शाखा प्रबंधक अभिषेक प्रियदर्शी ने पहाड़पुर थाना में कांड संख्या 306/2022 दर्ज कराया था.

एफआईआर के अनुसार, बैंक खुलने के बाद सुबह करीब 10.49 बजे हथियारों से लैस पांच बदमाश चेहरे पर मास्क लगाकर बैंक में दाखिल हुए. बदमाशों ने बैंक का दरवाजा बंद कर कर्मचारियों और ग्राहकों को हथियार के बल पर अपने कब्जे में ले लिया.

इसके बाद अपराधियों ने बैंक से 13 लाख 20 हजार 770 रुपये लूट लिए.

भागते समय एक बदमाश को बैंककर्मी ने पकड़ा

लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश भागने लगे. इसी दौरान बैंककर्मियों ने अजीत प्रसाद को पकड़ लिया.

बाद में पुलिस ने एक ईख के खेत से अमित नामक आरोपी को लूट की रकम के साथ गिरफ्तार किया था. मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में कार्रवाई आगे बढ़ायी.

दो अभियुक्तों को 10-10 साल का सश्रम कारावास

सजा पाने वालों में पश्चिमी चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के बखरिया निवासी देवकी पासवान का पुत्र छोटेलाल कुमार पासवान उर्फ छोटन कुमार पासवान तथा रामनगर छोटा बनकट निवासी यादोलाल प्रसाद का पुत्र अजीत प्रसाद शामिल हैं.

न्यायालय ने दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 412 और 395 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(ए) एवं 26/35 के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनायी.

51-51 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया

अदालत ने दोनों दोषियों पर 51-51 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है. अर्थदंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. साथ ही कारागार में बितायी गयी अवधि का समायोजन सजा की अवधि में किया जाएगा.

चार गवाहों ने कोर्ट में दी गवाही

सत्र वाद संख्या 402/2023 के विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक दीपक पटेल एवं सहायक अधिवक्ता मो. शहाबुद्दीन ने चार गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनकी गवाही करायी.

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी.

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