पूर्वी चंपारण में पंचायत परिसीमन की तैयारी तेज, 394 से बढ़कर 500 तक हो सकती है पंचायतों की संख्या

Author Sn satyarthi|Edited by Aaruni Thakur
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पूर्वी चंपारण में 500 नई पंचायतें? परिसीमन शुरू

प्रतीकात्मक तस्वीर

पूर्वी चंपारण में पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिससे पंचायतों की संख्या 394 से बढ़कर करीब 500 हो सकती है. नए नियम राजस्व ग्राम और 2011 की जनसंख्या पर आधारित होंगे, जिससे सीमाओं और नामों में बदलाव की संभावना है.

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Motihari News: पंचायत चुनाव से पहले पूर्वी चंपारण में पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया तेज हो गई है. राज्य सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में 394 पंचायतों की संख्या बढ़कर करीब 500 तक पहुंच सकती है. अब पंचायतों का गठन पुराने आधार पर नहीं, बल्कि राजस्व ग्राम और वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर किया जाएगा.

नए नियम लागू होने के बाद कई पंचायतों की सीमाएं और नाम भी बदल सकते हैं.

हर प्रखंड को माना जाएगा अलग इकाई

पंचायती राज विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार प्रत्येक प्रखंड को एक स्वतंत्र इकाई मानते हुए पंचायत क्षेत्र का निर्धारण किया जाएगा.

पंचायत की सीमा का निर्धारण उत्तर-पश्चिम दिशा से शुरू होकर दक्षिण-पूर्व दिशा तक किया जाएगा. किसी भी राजस्व ग्राम को दो अलग-अलग पंचायतों में नहीं बांटा जाएगा.

सड़क, रेलवे लाइन और नदी बन सकती हैं सीमा का आधार

नई गाइडलाइन में पंचायतों की सीमा तय करने के लिए मुख्य सड़क, रेलवे लाइन, नदी, नहर और बड़े सार्वजनिक संस्थानों को आधार बनाया जा सकता है.

विभाग का मानना है कि इससे पंचायतों की सीमा स्पष्ट होगी और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा मिलेगी.

अधिक आबादी वाले गांव के नाम पर हो सकती है पंचायत

निर्देश के अनुसार यदि किसी पंचायत में एक से अधिक गांव शामिल होंगे, तो सबसे अधिक आबादी वाले गांव को पंचायत मुख्यालय बनाया जा सकता है. उसी गांव के नाम पर पंचायत का नाम रखने का भी प्रावधान है.

विशेष परिस्थितियों में अधिक आबादी वाले गांव का विभाजन भी किया जा सकेगा. वहीं, यदि किसी क्षेत्र में एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की संयुक्त आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है, तो पंचायत मुख्यालय तय करते समय इस मानक को भी ध्यान में रखा जाएगा.

डीएम करेंगे अंतिम निर्धारण

पंचायतों की सीमा और स्वरूप का अंतिम निर्धारण जिलाधिकारी (डीएम) के स्तर पर किया जाएगा. इसमें जिला परिषद, पंचायत समिति, पंचायत और वार्डों के परिसीमन को भी शामिल किया जाएगा.

पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

अधिकारी बोले- तैयारी शुरू, अधिकारियों को मिलेगा प्रशिक्षण

जिला पंचायती राज पदाधिकारी रामजन्म पासवान ने बताया कि विभाग से पत्र प्राप्त हो गया है और उसके अनुरूप तैयारी शुरू कर दी गई है.

उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं और उन्हें प्रशिक्षण भी कराया जाएगा.


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