अब DM से लेकर SDO तक करेंगे आदर्श स्कूलों की निगरानी, हर सप्ताह अधिकारियों को लेनी होगी क्लास

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जिला प्रशासन ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू की है. डीएम सौरभ सुमन यादव के निर्देश पर जिले के 33 आदर्श विद्यालयों को वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों से संबद्ध किया गया है.

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Motihari News: जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है. डीएम सौरभ सुमन यादव के आदेश पर जिले के सभी 33 सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालयों को विभिन्न वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ संबद्ध किया गया है.

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इस व्यवस्था के तहत आईएएस, बिहार प्रशासनिक सेवा और जिला स्तर के वरीय अधिकारी अब इन स्कूलों की निगरानी करेंगे. इसके साथ ही अधिकारी नियमित रूप से विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे और प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक या दो कक्षाएं स्वयं लेने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे.

33 आदर्श विद्यालयों से जुड़े वरीय अधिकारी

जिला प्रशासन की ओर से जारी सूची के अनुसार जिले के प्रमुख अधिकारियों को अलग-अलग आदर्श विद्यालयों की जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

डीएम सौरभ सुमन यादव स्वयं जिला स्कूल, मोतिहारी से जुड़े रहेंगे और विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे. अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा को मंगल सेमिनरी, मोतिहारी की जिम्मेदारी दी गयी है.

वहीं उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार को एम.जे.के. गर्ल्स इंटर कॉलेज, मोतिहारी से संबद्ध किया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी को श्री अम्बिका उच्च विद्यालय, देकहां सिरसा की जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

इसके अलावा अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अन्य वरीय उप समाहर्ताओं को जिले के अलग-अलग प्रखंडों के आदर्श विद्यालयों से जोड़ा गया है.

हर सप्ताह अधिकारी खुद लेंगे बच्चों की क्लास

जिला प्रशासन की इस व्यवस्था में अधिकारियों को केवल स्कूल की निगरानी तक सीमित नहीं रखा गया है. उन्हें नियमित रूप से विद्यालय में अध्यापन-सह-मार्गदर्शन और सूक्ष्म पर्यवेक्षण करना होगा.

सभी नामित अधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह अपने आवंटित विद्यालय में कम से कम एक या दो कक्षाएं स्वयं लेने का निर्देश दिया गया है. अधिकारी अपनी शैक्षणिक योग्यता और रुचि के अनुसार विषय का चयन कर सकते हैं.

कमजोर विद्यार्थियों के लिए चलायी जाने वाली उपचारात्मक कक्षाओं की निगरानी और उसमें सहयोग करना भी अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी.

स्मार्ट क्लास और लैब के इस्तेमाल पर भी नजर

अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यालयों में निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो. साथ ही शिक्षक आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं, इसकी भी निगरानी की जाएगी.

आदर्श विद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, ई-लाइब्रेरी और विज्ञान प्रयोगशालाओं का सही तरीके से उपयोग हो रहा है या नहीं, इसकी भी समीक्षा अधिकारी करेंगे.

इससे स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का विद्यार्थियों की पढ़ाई में बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा.

ड्रॉपआउट रोकने और उपस्थिति बढ़ाने पर जोर

नई व्यवस्था में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति यानी ड्रॉपआउट को कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है.

नामित अधिकारी प्रधानाध्यापक के साथ समन्वय कर विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और पढ़ाई से दूर हो रहे बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे.

इसके साथ ही स्कूल के शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में भी काम किया जाएगा.

हर सप्ताह देनी होगी रिपोर्ट

नामित अधिकारियों के लिए साप्ताहिक रिपोर्टिंग भी अनिवार्य की गयी है. उन्हें स्कूल में ली गयी कक्षा और किए गए पर्यवेक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी.

रिपोर्ट के साथ निरीक्षण पंजी की फोटोकॉपी भी जिला शिक्षा पदाधिकारी और डीएम को उपलब्ध करानी होगी. इससे स्कूलों में अधिकारियों की गतिविधियों और शैक्षणिक व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा सकेगी.

मुख्यमंत्री की योजना को धरातल पर उतारने की पहल

जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री की ओर से पूरे राज्य में एक साथ 551 सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालयों का लोकार्पण किया गया था. इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, ई-लाइब्रेरी, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं के साथ खेलकूद की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है.

इसी क्रम में पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने जिले के 33 आदर्श विद्यालयों में प्रशासनिक निगरानी के साथ शैक्षणिक मार्गदर्शन को मजबूत करने की व्यवस्था शुरू की है. अब इन स्कूलों में अधिकारियों की नियमित मौजूदगी और कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार पर फोकस रहेगा.

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