मधुबनी. शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक जिला पदाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में हुई. बैठक में जिलाधिकारी ने कस्तूरबा कन्या विद्यालयों की समीक्षा के क्रम में अंधराठाढ़ी के कस्तूरबा विद्यालय में नामांकन के विरुद्ध छात्राओं की सबसे कम उपस्थिति पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि विद्यालयों में नामांकन के विरुद्ध शत प्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित करे. डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि विद्यालयों में शतप्रतिशत छात्रों एवं शिक्षकों की उपस्थिति के साथ साथ विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष रूप से फोकस करें. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी का दायित्व है. डीएम ने सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं बीईओ शत प्रतिशत विद्यालयों का निरीक्षण करें. निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शौचालय की स्थिति, पोशाक, छात्रवृति, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, पठन पाठन में गुणवत्ता सहित सभी मामलों का अनुश्रवण करें. जिलाधिकारी ने कहा कि आवंटन उपलब्ध रहने की स्थिति में शिक्षकों, टोला सेवक के वेतन, मानदेय भुगतान हर हाल में ससमय करे. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बंद नहीं रहना चाहिए. हर हाल में मेनू के अनुरूप बच्चों को भोजन मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि विद्यालय शिक्षा समिति का गठन न होना या रसोई गैस की अनुपलब्धता जैसे कारण स्वीकार नहीं किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत विद्यालयों में गैस से भोजन बनाना सुनिश्चित करें. उन्होंने जिले में ऐसे सभी विद्यालयों जिसके भवन जर्जर हैं और उनमें पठन पाठन से बच्चों के हित का नुकसान हो रहा है तो ऐसे विद्यालयों की सूची उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें. ताकि शीघ्र अग्रेतर कार्रवाई की जा सके. बैठक में डीडीसी दीपेश कुमार, डीपीआरओ परिमल कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी जावेद आलम, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सहित जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
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