Saurath Sabha Madhubani: ऐतिहासिक सौराठ सभा गुरूवार से शुरू,समिति की बैठक में आयोजन को लेकर बनी रणनीति

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बैठक में शामिल समिति के सदस्य

Saurath Sabha Madhubani: ऐतिहासिक सौराठ सभा का आयोजन गुरूवार से शुरू हो रहा है. सरकारी विभाग के अंतिम समय में पीछे हटने के बाद सौराठ सभा समिति ने खुद कमान संभाली है और सुंदरकांड पाठ व पंजीकारों के सम्मान के साथ आयोजन का निर्णय लिया है.

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मधुबनी से नागेंद्र नाथ झा की रिपोर्ट

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Saurath Sabha Madhubani: सौराठ सभा समिति के नेतृत्व में आज से प्रारंभ होने वाली ऐतिहासिक सौराठ सभा के विधिवत शुभारंभ को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. यह बैठक समिति के अध्यक्ष कृष्ण कांत झा गुड्डू की अध्यक्षता में संपन्न हुई. इसमें सभा के सफल संचालन, अधिक से अधिक लोगों तक संपर्क स्थापित करने, बुनियादी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने, व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई.

मैथिल समाज की सांस्कृतिक धरोहर है सौराठ सभा

समिति के अध्यक्ष कृष्ण कांत झा गुड्डू ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सौराठ सभा केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह सम्पूर्ण मैथिल समाज की ऐतिहासिक पहचान, गौरव और अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है. इसके संरक्षण एवं संवर्धन की बड़ी जिम्मेदारी विशेष रूप से हमारी युवा पीढ़ी की है, जिन्हें इसके लिए आगे बढ़कर नेतृत्व संभालना होगा. उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस पारंपरिक आयोजन को जीवंत बनाए रखने की अपील की.

विभाग के निर्णय में बदलाव के बाद समिति ने खुद संभाली कमान

अध्यक्ष ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में 2 एवं 3 जुलाई को सौराठ सभा आयोजित करने की आधिकारिक घोषणा की गई थी, परंतु बाद में इस कार्यक्रम में अपरिहार्य कारणों से परिवर्तन कर दिया गया. प्रारंभिक तैयारियाँ कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के माध्यम से होनी थीं, इसलिए समिति उनके साथ सहयोग कर रही थी. विभाग के निर्णय में अंतिम समय पर आए बदलाव के बाद अब इस ऐतिहासिक सभा के सफल आयोजन की पूरी जिम्मेदारी पुनः समाज और सौराठ सभा समिति द्वारा पूर्व की भांति उठाई जा रही है.

2 जुलाई को सुंदरकांड पाठ से होगी शुरुआत,पंजीकारों का किया जाएगा सम्मान

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 2 जुलाई को संध्या 5 बजे भव्य सुंदरकांड पाठ के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ होगा, जिसका नेतृत्व समिति के कोषाध्यक्ष शम्भूनाथ पंडा करेंगे. इसके साथ ही मिथिला की समृद्ध परंपरा के अनुरूप पांच वरिष्ठ पंजीकारों को पाग एवं दोपट्टा देकर सम्मानित किया जाएगा. उद्घाटन समारोह में विधान परिषद सदस्य डॉ मदन मोहन झा एवं जिलाधिकारी आनंद शर्मा की उपस्थिति की प्रबल संभावना है.

अंतिम समय में कार्यक्रम बदलने से प्रचार में कमी,भारी संख्या में जुटने की अपील

समिति के अध्यक्ष ने खेद जताते हुए कहा कि सरकारी विभाग द्वारा अंतिम समय में कार्यक्रम से अलग हो जाने के कारण इस बार व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार नहीं हो सका. उन्होंने सम्पूर्ण मिथिलांचलवासियों से भावुक आग्रह किया कि वे अपनी इस अमूल्य धरोहर के संरक्षण और सांस्कृतिक जागरण के लिए अधिक से अधिक संख्या में सौराठ पहुंचकर आयोजन को ऐतिहासिक बनाएं. समिति के सचिव डॉ शेखर चंद्र मिश्र ने भी सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से व्यापक प्रचार पर विशेष बल दिया.बैठक में अनिल कुमार झा, धर्मेंद्र मिश्र, विभाकर झा, गौरव मिश्र, बृजेश कुमार मिश्र, मुकेश कुमार झा, दीपक कुमार झा, उदय कुमार झा, भोलू झा, धर्मवीर मिश्रा सहित कई लोग उपस्थित रहे.

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