मधुबनी की पिपरौलिया पंचायत में महिलाओं को मिले सुरक्षा के गुरुमंत्र, सखी वन स्टॉप सेंटर से मदद की अपील

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सखी वार्ता में शामिल महिलाएं | Prabhat Khabar Network

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झंझारपुर की पिपरौलिया पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को संकट के समय उपलब्ध सहायता सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी. सखी वन स्टॉप सेंटर और दीदी अधिकार केंद्र की टीम ने महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक किया.

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मधुबनी. झंझारपुर प्रखंड की पिपरौलिया पंचायत स्थित जीविका के आकाश ग्राम संगठन में महिलाओं और बालिकाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन मधुबनी और सखी वन स्टॉप सेंटर झंझारपुर के कर्मियों ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उनके अधिकार, सुरक्षा और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी.

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बाल विवाह और घरेलू हिंसा पर हुई चर्चा

कार्यक्रम में बाल विवाह, घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा, बालिका शिक्षा, लैंगिक भेदभाव और जेंडर समानता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. महिलाओं को बताया गया कि किसी भी तरह की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय समय पर उचित सहायता लेनी चाहिए. महिलाओं के अधिकारों और सरकार की ओर से उपलब्ध योजनाओं की जानकारी भी दी गई. जरूरतमंद महिलाओं और बालिकाओं को संबंधित संस्थाओं से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया.

जेंडर समानता और महिला अधिकार समझाए

लैंगिक विशेषज्ञ शिवराम मेहरा ने जेंडर समानता, लैंगिक भेदभाव और जेंडर आधारित हिंसा के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी. उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत बताई. उन्होंने घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि समुदाय की भूमिका महिलाओं और बालिकाओं को समय पर सहायता दिलाने में महत्वपूर्ण है.

उन्होंने बताया कि मधुबनी जिले में सखी वन स्टॉप सेंटर मधुबनी सदर अस्पताल परिसर में सीएस कार्यालय के पीछे और झंझारपुर में शांतिनाथ मंदिर के पास पीएचईडी कार्यालय में संचालित है.

संकट में वन स्टॉप सेंटर से मिलेगी मदद

सखी वन स्टॉप सेंटर झंझारपुर की प्रशासक शायना मिर्जा ने केंद्र की सेवाओं और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हिंसा या संकट की स्थिति में महिलाओं को जरूरी सहायता और संबंधित सेवाओं से जोड़ने में वन स्टॉप सेंटर की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने महिलाओं से अपील की कि जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं का लाभ उठाएं और किसी समस्या को नजरअंदाज न करें.

महिला सुरक्षा और अधिकार पर परामर्श

सखी वन स्टॉप सेंटर झंझारपुर की परामर्शी दीपशिखा सिंह ने महिला अधिकार और सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी. उन्होंने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में उचित सहायता और परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया.

दीदी अधिकार केंद्र की भूमिका भी बताई

दीदी अधिकार केंद्र की कॉर्डिनेटर चंद्र रेखा ने महिलाओं को केंद्र के माध्यम से उपलब्ध सहायता और सेवाओं की जानकारी दी. वहीं गीता कुमारी ने समुदाय की भूमिका पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि समुदाय स्तर पर महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े मामलों की पहचान कर जरूरतमंदों को सही सहायता सेवा से जोड़ना जरूरी है.

इन हेल्पलाइन नंबरों पर ले सकते हैं मदद

कार्यक्रम में 181 महिला हेल्पलाइन, 1091 महिला पुलिस हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सहायता सेवा और 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन की जानकारी दी गई. अंत में महिलाओं और आकाश ग्राम संगठन के सदस्यों से बाल विवाह, घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में जागरूकता फैलाने की अपील की गई.

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