Crime News. मरीज की हालत नाजुक होने के बाद रेफर करने से नवजात की मौत का आरोप

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प्रखंड स्थित निजी नर्सिंग होम में एक गर्भवती महिला का गलत इलाज करने तथा स्थिति नाजुक होने के बाद रेफर कर दिए जाने से शिशु की मृत्यु हो जाने का मामला सामने आया है.

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Crime News. खुटौना . प्रखंड स्थित निजी नर्सिंग होम में एक गर्भवती महिला का गलत इलाज करने तथा स्थिति नाजुक होने के बाद रेफर कर दिए जाने से शिशु की मृत्यु हो जाने का मामला सामने आया है. इस मामले में प्रसूता सुशीला देवी के पति देवचंद्र कामत ने थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी गर्भवती थी और वे प्रसव कराने के लिए आनंद सर्जिकल गए थे. वहां एक भी एक भी डॉक्टर नहीं था. कंपाउंडर रमेश कुमार यादव ने झांसा में डालकर कहा कि मरीज का हालत ठीक है तबतक वे मरीज का इलाज करते हैं. आवेदक के अनुसार मरीज को स्लाइन चढ़ाना शुरू किया और दर्द निवारक सूई भी लगाया. सूई लगाते ही मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई. तकरीबन चौबीस घंटे बीत जाने के बाद डाक्टर आए और आनन फानन में रेफर कर जबरदस्ती कैंपस से बाहर कर दिया. वे लोग मरीज को लेकर मधुबनी किसी निजी क्लीनिक में भर्ती कराया जहां मरीज को पेट खोलकर बच्चे को निकाला गया जो कुछ ही मिनटों में नवजात शिशु की मृत्यु हो गई. जबकि प्रसूता की हालत नाजुक है. आनंद सर्जिकल के डाक्टर एक के आनंद ने बताया है कि वे जब मरीज को देखने गए तो उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी. मरीज का बीपी बढ़ा हुआ था. जांच रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन मात्र 6 ग्राम था. शरीर में पानी की मात्रा कम थी इसलिए मरीज को समय रहते बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया था. थानाध्यक्ष नीतीश कुमार ने बताया है कि मरीज के पति देवचंद्र कामत द्वारा आवेदन प्राप्त हुआ है. वे अनुसंधान कर रहे हैं. जांचोपरांत कार्रवाई की जाएगी.

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