प्रतिबंध सिर्फ कागजों में? मधुबनी के बाजार में खुलेआम बिक रहा सिंगल यूज प्लास्टिक
AI जेनरेटेड फोटो
Madhubani News: मधुबनी में प्रतिबंध के बावजूद सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्मोकोल की खुलेआम बिक्री हो रही है. बाजार में पॉलीथिन का धड़ल्ले से उपयोग, निगरानी और कार्रवाई पर उठे सवाल.
मधुबनी से शैलेंद्र कुमार झा की रिपोर्ट
आपके शहर में
Madhubani News: मधुबनी शहर में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्मोकोल से बने उत्पादों की बिक्री एक बार फिर खुलेआम होने लगी है. कुछ महीने पहले प्रशासन ने सख्ती और छापेमारी का दावा किया था, लेकिन अब बाजारों में पहले जैसी स्थिति लौट आई है. छोटी दुकानों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक प्रतिबंधित पॉलीथिन और थर्मोकोल का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है.
कुछ दिन चला अभियान, फिर पड़ गई सुस्ती
फरवरी में नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था. नगर निकाय, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और पुलिस की संयुक्त टीमों को छापेमारी के निर्देश दिए गए थे.
इस कार्रवाई की शुरुआत में कई दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद अभियान ठंडा पड़ गया. अब बाजारों में प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री पहले की तरह आसानी से उपलब्ध है.
बाजार में क्या मिला?
प्रभात खबर की पड़ताल में सामने आया कि शहर के कई इलाकों में 120 माइक्रोन से कम क्षमता वाले कैरी बैग, थर्मोकोल के कप, प्लेट, गिलास और अन्य प्रतिबंधित सामान खुलेआम बिक रहे हैं.
दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक खुद पॉलीथिन की मांग करते हैं. वहीं बाजार, नालियों और कूड़े के ढेर पर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा जमा होने से जलजमाव और पर्यावरण प्रदूषण की समस्या भी बढ़ रही है.
किन उत्पादों पर है प्रतिबंध?
| प्रतिबंधित सामग्री |
|---|
| सभी मोटाई के प्लास्टिक कैरी बैग |
| थर्मोकोल के कप, प्लेट, गिलास, चम्मच व कांटे |
| ईयर बड्स |
| गुब्बारों की प्लास्टिक स्टिक |
| कैंडी एवं आइसक्रीम स्टिक |
| सजावटी थर्मोकोल सामग्री |
| मिठाई के डिब्बों की प्लास्टिक पैकिंग |
| निमंत्रण कार्ड की प्लास्टिक फिल्म |
| सिगरेट पैक की प्लास्टिक रैपिंग |
| 100 माइक्रोन से कम के पीवीसी बैनर |
नियम क्या कहते हैं?
| प्रावधान | कार्रवाई |
|---|---|
| 100 से अधिक लोगों के आयोजन में बिना अनुमति प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग | ₹1,500 से ₹2,500 तक जुर्माना |
| गंभीर उल्लंघन | 5 वर्ष तक की जेल |
| आर्थिक दंड | ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक कार्रवाई | दुकान या इकाई का लाइसेंस रद्द हो सकता है |
कार्रवाई छोटे दुकानदारों तक ही सीमित?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर बार अभियान के दौरान केवल रेहड़ी-पटरी वाले या छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई होती है. जबकि थोक स्तर पर प्रतिबंधित प्लास्टिक की आपूर्ति करने वाले बड़े कारोबारियों तक प्रशासन की कार्रवाई नहीं पहुंचती.
इसी वजह से बाजार में प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों की सप्लाई लगातार जारी रहती है.
स्वच्छता पदाधिकारी ने क्या कहा?
नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन ने कहा कि शहर में प्रतिबंधित पॉलीथिन और थर्मोकोल के विरुद्ध अभियान जारी है. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में खुदरा और थोक दोनों स्तर के विक्रेताओं के खिलाफ सघन छापेमारी की जाएगी.
पर्यावरण विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार सिंगल यूज प्लास्टिक न केवल नालियों को जाम करता है, बल्कि मिट्टी और जल स्रोतों को भी लंबे समय तक प्रदूषित करता है. यदि प्रतिबंध को प्रभावी बनाना है, तो केवल छापेमारी नहीं बल्कि थोक आपूर्ति पर भी सख्त निगरानी, नियमित मॉनिटरिंग और लोगों में जागरूकता जरूरी होगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए