ePaper

Madhubani News : रेलवे की खाली जमीन अतिक्रमित रहने से राहगीर परेशान

Updated at : 27 May 2025 10:48 PM (IST)
विज्ञापन
Madhubani News : रेलवे की खाली जमीन अतिक्रमित रहने से राहगीर परेशान

जिला प्रशासन की ओर से जहां एक ओर अभियान चलाकर शहर को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है.

विज्ञापन

मधुबनी.

जिला प्रशासन की ओर से जहां एक ओर अभियान चलाकर शहर को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है. वहीं, रेलवे की कई एकड़ खाली भूमि पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया है. अतिक्रमण के कारण शहर के स्टेशन चौक, माल गोदाम रोड एवं 13 नंबर गुमटी पर हमेशा जाम लगा रहता है. रेलवे की ओर से काफी जद्दोजहद के बाद अगस्त 2024 में रेलवे की खाली जमीन पर अतिक्रमण खाली कराया, लेकिन यह सिलसिला कुछ दिनों तक ही चला. उसके बाद फिर अतिक्रमणकारियों ने खाली जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया. रेलवे सूत्रों की माने तो इन अतिक्रमणकारियों को रेलवे कर्मियों का ही संरक्षण प्राप्त है. अतिक्रमण का आलम यह है कि स्टेशन के दोनों मुख्य द्वार पर नो पार्किंग जोन में भी ई-रिक्शा एवं ऑटो रिक्शा खड़ा कर दिया जाता है. इसके कारण यात्रियों को स्टेशन पर आने जाने में परेशानी होती है.

स्टेशन पर संचालित है पुलिस का आउट पोस्ट

स्टेशन परिसर सहित स्टेशन के परिसंपत्तियों की निगरानी एवं सुरक्षा के लिए आरपीएफ तथा विधि व्यवस्था के संधारण के लिए स्टेशन पर राजकीय रेल पुलिस का आउट पोस्ट संचालित है. दोनों ओपी में एक- एक एएसआई समेत 2-3 जवान कार्यरत हैं. विडंबना यह है कि इनके नाक के नीचे अतिक्रमणकारियों द्वारा रेलवे के जमीन पर अतिक्रमण जारी है. इस मामले में पूछे जाने पर आरपीएफ एवं जीआरपी दोनों एक दूसरे के क्षेत्राधिकार का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं. रेलवे स्टेशन के दोनों ओर खाली जमीन पर 12 नंबर गुमती से लेकर 13 नंबर गुमती तक सैकड़ों की संख्या में अतिक्रमणकारियों का कब्जा है.

2024 में खाली कराया गया था अतिक्रमण

अगस्त 2024 में काफी मशक्कत के बाद रेलवे की अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया गया था. रेल सूत्रों की मानें तो अतिक्रमण रोकने की जिम्मेवारी आरपीएफ व जीआरपी की है. लेकिन अतिक्रमण को रोका नहीं जा रहा है. माल गोदाम रोड में सड़क के दोनों किनारे की भूमि को अतिक्रमण कर लिया गया. रेलवे की खाली जमीन पर ऑटो स्टैंड का संचालन किया जा रहा है. इससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है. डीआरएम ने बताया कि अतिक्रमण हटाने से पहले सभी अतिक्रमणकारियों को तीन नोटिस देना अनिवार्य होता है. इसके बाद मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर अतिक्रमण मुक्त किया जाता है. उन्होंने कहां की गत वर्ष अगस्त महीने में अतिक्रमण मुक्त अभियान के तहत दर्जनों अतिक्रमणकारियों के दुकान को ध्वस्त किया गया था. एक बार फिर अभियान चलाकर अतिक्रमित भूमि खाली कराया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
GAJENDRA KUMAR

लेखक के बारे में

By GAJENDRA KUMAR

GAJENDRA KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन