केस डायरी दाखिल नहीं करने पर अनुसंधानकर्ता का वेतन रोकने का आदेश

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न्यायालय ने केस डायरी समय पर दाखिल न करने पर कड़ा रुख अपनाया है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अनुसंधानकर्ता का वेतन रोकने का निर्देश दिया है और पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है.

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Madhubani News: बाबूबरही थाना कांड संख्या 102/2025 से संबंधित अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान केस डायरी न्यायालय में समय पर दाखिल नहीं किए जाने पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पांडेय ने कड़ा रुख अपनाया है. न्यायालय ने संबंधित अनुसंधानकर्ता से स्पष्टीकरण मांगते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) को उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया है.

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अग्रिम जमानत याचिका पर हो रही थी सुनवाई

जानकारी के अनुसार, घोंघौर गांव निवासी फुलो देवी उर्फ फुलदाई देवी समेत पांच लोगों ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी.

इस मामले में न्यायालय ने 26 मई 2026 को ही लोक अभियोजक को केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, लेकिन निर्धारित समय के भीतर केस डायरी न्यायालय में उपलब्ध नहीं कराई गई.

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार अग्रिम जमानत याचिकाओं का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाना आवश्यक है. इसके बावजूद अनुसंधानकर्ता द्वारा समय पर केस डायरी उपलब्ध नहीं कराना गंभीर लापरवाही है.

केस डायरी आने तक वेतन रहेगा बंद

न्यायालय ने एसपी को निर्देश दिया कि संबंधित अनुसंधानकर्ता का वेतन केस डायरी न्यायालय में प्रस्तुत होने तक रोका जाए. साथ ही स्पष्ट किया कि केस डायरी दाखिल होने और न्यायालय के संतुष्ट होने के बाद ही वेतन जारी किया जाएगा.


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