बैद्यनाथ-पशुपतिनाथ कॉरिडोर से जुड़े सिंहेश्वरनाथ धाम, एमएलसी अनिल ठाकुर ने उठाई मांग

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पूजा के बाद आरती करते हुए | Prabhat Khabar Network

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बिहार के प्रसिद्ध सिंहेश्वरनाथ धाम को बैद्यनाथ-पशुपतिनाथ कॉरिडोर परियोजना से जोड़ने की मांग उठी है. भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एमएलसी अनिल ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस संबंध में पहल करने का आग्रह किया है. इस जुड़ाव से चार प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच संपर्क मजबूत होगा और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी.

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सिंहेश्वर (मधेपुरा). बिहार के देवघर कहे जाने वाले प्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वरनाथ धाम को केंद्र सरकार की प्रस्तावित बैद्यनाथ-पशुपतिनाथ कॉरिडोर परियोजना से जोड़ने की पहल शुरू हो गयी है. शुक्रवार को सिंहेश्वर पहुंचे भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह एमएलसी अनिल ठाकुर ने कहा कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर सिंहेश्वरनाथ मंदिर को प्रस्तावित धार्मिक गलियारे से जोड़ने की मांग रखेंगे.

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चार प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच मजबूत होगा संपर्क

एमएलसी अनिल ठाकुर ने कहा कि सिंहेश्वरनाथ मंदिर बिहार के प्रमुख शिव मंदिरों में शामिल है. इसे प्रस्तावित कॉरिडोर से जोड़ने पर झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम, अजगैबीनाथ धाम, सिंहेश्वरनाथ धाम और नेपाल के काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के बीच धार्मिक संपर्क मजबूत होगा. उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ इको-टूरिज्म की संभावनाएं भी विकसित होंगी.

पहले सिंहेश्वर होकर प्रस्तावित था कॉरिडोर

अनिल ठाकुर ने बताया कि पहले प्रस्तावित कॉरिडोर को सिंहेश्वर के रास्ते ले जाने की योजना थी, लेकिन बाद में मार्ग को खगड़िया होते हुए कुशेश्वरस्थान की ओर मोड़ दिया गया. उन्होंने मांग की कि सिंहेश्वरनाथ धाम को भी इस कॉरिडोर में शामिल किया जाए.

225 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का प्रस्ताव

बताया गया कि सरकार ने सुपौल के भीमनगर से बांका के चानन स्थित बैद्यनाथ-पशुपतिनाथ मार्ग तक करीब 225 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया है. इस परियोजना पर करीब आठ हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है. प्रस्ताव के अनुसार कॉरिडोर में करीब 30 प्रतिशत हिस्से में मौजूदा सड़कों का उपयोग और शेष 70 प्रतिशत हिस्से के लिए भूमि अधिग्रहण की बात कही गयी है. पूर्व प्रस्ताव के अनुसार यह मार्ग सुल्तानगंज, अगुवानी घाट, पसराहा, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल होते हुए काठमांडू तक जाने की योजना से जुड़ा था.

धार्मिक पर्यटन के साथ रोजगार और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

एमएलसी अनिल ठाकुर ने कहा कि चार प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच बेहतर सड़क संपर्क होने से धार्मिक पर्यटन को गति मिलेगी. इससे व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय विकास के नए अवसर पैदा हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह परियोजना औद्योगिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो सकती है. झारखंड से बेहतर संपर्क होने पर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है.

भाजपा नेताओं ने बाबा सिंहेश्वरनाथ की पूजा-अर्चना की

इससे पहले अनिल ठाकुर और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. आभास आनंद झा ने बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और क्षेत्र व देश की सुख-समृद्धि की कामना की. पुजारी कन्हैया ठाकुर, बचनु ठाकुर और कालू बाबा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा करायी. इसके बाद नगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने दोनों नेताओं को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया.

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